श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में तीर्थयात्रियों का उमड़ा हुजूम

श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में तीर्थयात्रियों का उमड़ा हुजूम

कोलकाता, 10 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ धाम और पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर में श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और साल के इस समय लाखों भक्त यहां आते हैं। ईस्टर्न रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इस बार भीड़ बहुत ज्यादा है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार मेले के 11वें दिन 2.8 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने रेलवे की सुविधाओं का इस्तेमाल किया। जहां 2025 की तुलना में जसीडीह स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में लगभग 13.63 प्रतिशत की कमी आई, वहीं दूसरे स्टेशनों पर भीड़ काफी बढ़ गई।

ईस्टर्न रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि जसीडीह में 72,890 यात्रियों ने यात्रा की, साल 2025 में 84,392 यात्रियों ने यात्रा की थी। इसी तरह सुल्तानगंज में 1,06,640 यात्री आए। बासुकीनाथ में 9.47 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई, जहां 17,850 यात्रियों ने यात्रा की। देवघर में भी 11.08 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जहां 21,582 यात्रियों ने यात्रा की।

इस साल तीर्थयात्रियों के लिए बड़े पैमाने पर इंतजाम किए गए हैं। स्पेशल ट्रेनों के अलावा हजारों श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं भी दी गई हैं। भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए खास होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि निगरानी के लिए अतिरिक्त उपकरण लगाए गए हैं और स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। अन्य इंतजामों में ऑपरेटरों के साथ और ज्यादा ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें लगाना शामिल है।

अधिकारी ने कहा, "बासुकीनाथ में 632, जसीडीह में 301, देवघर में 189, तारकेश्वर में 145, बैद्यनाथ धाम में 90 और सुल्तानगंज में 82 तीर्थयात्रियों को चिकित्सा मदद दी गई। बुज़ुर्ग और दिव्यांग तीर्थयात्रियों को व्हीलचेयर की सुविधा दी गई, जिसमें तारकेश्वर में आठ, जसीडीह में सात और देवघर, बासुकीनाथ व सुल्तानगंज में एक-एक व्हीलचेयर शामिल हैं।"

उन्होंने बताया कि ईस्टर्न रेलवे ने जसीडीह में 478 कोच वाली 32 स्पेशल ट्रेनें, देवघर में 234 कोच वाली 18 ट्रेनें, बासुकीनाथ में 120 कोच वाली 10 ट्रेनें और बैद्यनाथ धाम में छह ट्रेनें चलाईं। सुल्तानगंज में स्पेशल ट्रेनों की छह जोड़ियां चलाई गईं। रेगुलर ट्रेनों में भी अतिरिक्त कोच जोड़े गए।

ईआर के सीपीआरओ शिबराम माझी ने कहा कि सभी मुख्य स्टेशनों पर समर्पित स्टाफ और मेडिकल टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि यह पक्का किया जा सके कि हर श्रद्धालु को तुरंत मदद मिले और उनकी यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी हो।

--आईएएनएस

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