शरद पवार गुट के सांसदों का प्रतिनिधिमंडल पीएम मोदी से मिला, भाजपा ने स्वाभाविक बताया, विपक्षी दलों ने घेरा

शरद पवार गुट के सांसदों का प्रतिनिधिमंडल पीएम मोदी से मिला, भाजपा ने स्वाभाविक बताया, विपक्षी दलों ने घेरा

मुंबई, 10 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सोमवार को एनसीपी (एसपी) सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई कि क्या एनसीपी (एसपी) परिसीमन बिल पर एनडीए सरकार का समर्थन करेगी। दूसरी ओर, भाजपा ने इस मुलाकात को स्वाभाविक बताया है।

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है। सुप्रिया सुले, जयंत पाटिल और अन्य सांसदों ने पीएम मोदी से मुलाकात की। उन्हें भी कई सालों बाद यह एहसास हुआ है कि अगर हम विकास परियोजनाओं को लेकर पीएम मोदी के पास जाते हैं, तो वह राशि देंगे और उन परियोजनाओं को मंजूरी देंगे। देशभर से कई विपक्षी नेता उनसे मिलने जा रहे हैं। उनमें से कुछ हमारे पास भी आ रहे हैं। कुछ एनडीए से मिलने के लिए आ रहे हैं। यह देश की राजनीति के लिए अच्छा है।

भाजपा विधायक अमित सातम ने कहा कि लोकसभा का सत्र चल रहा है। अलग-अलग पार्टियों के लोग, अलग-अलग पार्टियों के नेता और देश के सांसद, अलग-अलग पार्टियों के सांसद, किसी न किसी वजह से या किसी न किसी काम के लिए प्रधानमंत्री से मिलते रहते हैं। यह स्वाभाविक है कि जब लोकसभा का सत्र शुरू होता है, तो प्रधानमंत्री वहां मौजूद होते हैं। इसीलिए, विभिन्न दलों के सांसद सत्र के दौरान मिलते ही रहते हैं।

एनसीपी (एसपी) के नेता और प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा कि शरद पवार गुट की राष्ट्रीय नेता और सदन में फ्लोर लीडर सांसद सुप्रिया सुले की अगुवाई में सभी सांसदों ने देश के प्रधानमंत्री से मुलाकात की। यह पहले से तय और पूरी तरह से खुली बैठक थी, जो संसद परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई। यह बैठक हमारे सांसदों के संबंधित चुनाव क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी। इस बैठक में महाराष्ट्र से जुड़े कई मुद्दों पर बात हुई। एनसीपी का प्रतिनिधित्व ग्रामीण ठाणे जिले से लेकर विदर्भ के वर्धा जिले तक फैला हुआ है। इस तरह हमारे लगभग सभी रेवेन्यू जिले इसमें शामिल हैं। हमारे सांसदों ने महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों को उठाया है।

कांग्रेस नेता नसीम खान ने कहा कि जिस तरह से चर्चा हो रही है और खबरें आ रही हैं, उसे देखते हुए हमें नहीं लगता कि एनसीपी (एसपी) के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का प्रधानमंत्री से मिलना गलत है। अगर कोई प्रतिनिधिमंडल या सांसद अपने राज्य या निर्वाचन क्षेत्र के विकास पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री या किसी केंद्रीय मंत्री से मिलते हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन, जिन खबरों का जिक्र किया जा रहा है, उनके बारे में मेरा मानना ​​है कि शरद पवार जो देश में शाहू, फुले और अंबेडकर की विचारधारा को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख नेता रहे हैं, वह उस बिल का समर्थन नहीं करेंगे, जिसे भारतीय जनता पार्टी लाना चाहती है।

वहीं, एनसीपी (एसपी) के नेता महेश तापसे ने कहा कि परिसीमन बिल के बारे में, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जब यह बिल पहले पेश किया गया था, तो एनसीपी शरदचंद्र पवार पार्टी और इंडिया अलायंस ने इसका जोरदार विरोध किया था। अभी तक परिसीमन के लिए कोई ड्राफ्ट पेश नहीं किया गया है। जब पेश किया जाएगा तो इस पर चर्चा होगी।

--आईएएनएस

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