जम्मू, 7 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के रामबन में सुरक्षा बैरिकेड तोड़कर और सुरक्षा बलों की चेतावनी के बावजूद भागने वाली एक संदिग्ध गाड़ी मिल गई है, लेकिन उसमें सवार लोगों का कोई पता नहीं चला है।
इस घटना से अमरनाथ यात्रियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अहम जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर हड़कंप मच गया था।
अब सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें संदिग्ध गाड़ी में सवार लोगों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान चला रही हैं। चंदरकोट में सुरक्षा बैरिकेड तोड़ने के बाद, सुरक्षा कर्मियों की चेतावनी के बावजूद गाड़ी हाईवे पर नशरी की ओर ले जाया गया था।
एक अधिकारी ने कहा, "बार-बार संकेत देने के बावजूद गाड़ी नहीं रुकी। एहतियात के तौर पर पुलिस कर्मियों ने गाड़ी पर तीन राउंड फायरिंग की।"
अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी अब मिल गई है, लेकिन उसमें सवार लोग मौके से भागने में कामयाब रहे। उन्हें खोजने के लिए पुलिस, सीआरपीएफ और सेना की संयुक्त तलाशी जारी है।
यह गाड़ी महिंद्रा स्कॉर्पियो एसयूवी (रजिस्ट्रेशन नंबर जेके 02 एके 1743) थी। इसने शुक्रवार सुबह रामबन जिले के चंदरकोट में सुरक्षा चेकपॉइंट को पार किया और बाद में डलवास के पास इसे छोड़ दिया गया।
यह घटना सुबह करीब 3:30 बजे हुई और छोड़ी गई गाड़ी शुक्रवार दोपहर को मिली। सुरक्षा में सेंध लगाने के पीछे मुख्य मकसद मवेशियों की तस्करी का शक है। जांचकर्ताओं को छोड़ी गई गाड़ी के अंदर जानवरों का गोबर मिला, जिससे पता चलता है कि इसका इस्तेमाल अवैध रूप से मवेशियों को ले जाने के लिए किया जा रहा था।
अमरनाथ यात्रा के दौरान हुई इस घटना के कारण पूरे जिले में हाई-सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया गया है। माना जा रहा है कि गाड़ी में तीन लोग सवार थे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पकड़े जाने से बचने के लिए उन्होंने एसयूवी छोड़ दी और पास के जंगल में भाग गए।
इस बीच, अनुच्छेद 370 को हटाने के सात साल पूरे होने पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक दिन के लिए रुकी अमरनाथ यात्रा गुरुवार को जम्मू से फिर शुरू हो गई। 1,801 तीर्थयात्रियों का एक जत्था गुरुवार सुबह भगवती नगर बेस कैंप से दक्षिण कश्मीर में अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि 28वां जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह करीब 2:45 बजे भगवती नगर यात्री निवास से बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। हालांकि, पहलगाम रूट से कोई काफिला नहीं भेजा गया।
इस नए जत्थे में 1,347 पुरुष, 351 महिलाएं, 89 साधु और 14 साध्वियां शामिल थीं, जो 74 गाड़ियों में यात्रा कर रहे थे। अब तक 4.71 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 28 अगस्त को समाप्त होगी, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के त्योहारों के साथ मेल खाती है।
--आईएएनएस
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