शेखपुरा, 27 जून (आईएएनएस)। शेखपुरा जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को आवश्यक स्थानों पर भारी वाहनों के लिए 'ले-बाय' यानी सुरक्षित पार्किंग स्थल विकसित करने की दिशा में कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों के सुरक्षित ठहराव की समुचित व्यवस्था होने से यातायात सुचारू रहेगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।
उन्होंने एनएचएआई और एनएच-333ए के हाईवे स्ट्रेच पर अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न करते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का बड़ा कारण भी बनते हैं, इसलिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए।
बैठक में पेट्रोल पंप संचालकों और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी द्वारा शेखपुरा और बरबीघा नगर परिषद क्षेत्रों में नियमित रूप से चलाए जा रहे 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अभियान सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शेखर आनंद ने सर्विलांस टीम को राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार भ्रमणशील रहने का निर्देश देते हुए कहा कि वाहनों में 'व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी)' सहित अन्य सड़क सुरक्षा मानकों की नियमित जांच की जाए। उन्होंने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया।
बैठक के दौरान सार्वजनिक सड़कों, राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर आवश्यकतानुसार सड़क सुरक्षा संबंधी सांकेतिक संकेतक (रोड साइनेज) सही स्थानों पर स्थापित करने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्पष्ट और सुव्यवस्थित संकेतक दुर्घटनाओं की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।