सौराष्ट्र के तीन जिलों में बारिश की स्थिति की समीक्षा करेंगे गुजरात के कृषि मंत्री

सौराष्ट्र के तीन जिलों में बारिश की स्थिति की समीक्षा करेंगे गुजरात के कृषि मंत्री

गांधीनगर, 7 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने सौराष्ट्र क्षेत्र में मानसून की स्थिति पर नजर रखना तेज कर दिया है। कृषि मंत्री जीतू वाघानी मंगलवार को भावनगर, राजकोट और अमरेली जिलों में बारिश की स्थिति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब गुजरात के कई इलाकों में भारी बारिश जारी है। वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई जिलों में तेज मानसूनी गतिविधियों की चेतावनी जारी की है।

नए मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून के चलते अगले 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

राज्य सरकार के अनुसार, इस समीक्षा बैठक में सौराष्ट्र के तीन प्रमुख जिलों में बारिश की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।

भावनगर के प्रभारी मंत्री कौशिक वेकारिया, स्थानीय सांसद, विधायक और अन्य अधिकारी बैठक में शामिल होंगे।

तीनों जिलों के जिला कलेक्टर और जिला विकास अधिकारी भी अपने-अपने जिलों की आपदा प्रबंधन योजनाओं के साथ बैठक में शामिल होंगे।

बैठक के दौरान भावनगर, राजकोट और अमरेली के कलेक्टर निचले इलाकों की स्थिति, नदियों-नालों की स्थिति और बांधों में पानी के प्रवाह की लाइव जानकारी देंगे।

भारी बारिश के कारण बिजली कटौती, जल आपूर्ति में बाधा और सड़कों के बंद होने जैसी समस्याओं से निपटने के लिए जिला नियंत्रण कक्षों की तैयारियों और कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की जाएगी।

यह समीक्षा गुजरात में मानसून की तेज बारिश के बाद की जा रही है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में पहले ही अच्छी बारिश हो चुकी है। इसके बाद मौसम संबंधी अलर्ट जारी किए गए हैं और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

जलभराव, निचले इलाकों में बाढ़ और परिवहन तथा आवश्यक सेवाओं में व्यवधान की आशंकाओं के मद्देनजर क्षेत्र के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

मानसून प्रणाली के सक्रिय रहने के कारण आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों और जिला प्रशासनों को अलर्ट पर रखा गया है।

--आईएएनएस

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