सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सजग हुई सरकार, बिहार के दो लाख से अधिक शिक्षकों का भविष्य दांव पर

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सजग हुई सरकार, बिहार के दो लाख से अधिक शिक्षकों का भविष्य दांव पर

पटना, 14 जून (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट के हाल में शिक्षकों को लेकर लिए गए एक फैसले से बिहार में दो लाख से अधिक शिक्षकों के भविष्य दांव पर हैं। हालांकि बिहार सरकार इसको लेकर अध्ययन कर रही है। सोमवार को शिक्षा विभाग की एक बैठक भी बुलाई गई है। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले में सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य बताए जाने के बाद राज्य के करीब 2 लाख 60 हजार से अधिक शिक्षकों की नौकरी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

इस मामले पर बिहार सरकार ने कानूनी पहलुओं की समीक्षा शुरू कर दी है। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार की लीगल टीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार अदालत के सभी कानूनी और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा के बाद अपना अगला कदम तय करेगी। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ विस्तृत बैठक भी बुलाई गई है। उसमें इस पर विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला जो भी आया है, उस पर सरकार अमल करेगी। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का गहराई से अध्ययन किया जा रहा है। कानूनी राय प्राप्त होने के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा। इससे पहले विभागीय स्तर पर विभिन्न विकल्पों और संभावित प्रभावों पर चर्चा होगी।

उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि सरकार किसी भी जल्दबाजी में नहीं है। दरअसल, सरकार शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर भी प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार शिक्षक नियुक्ति को लेकर टीआरई 4 की परीक्षा जुलाई में कराने को लेकर सजग है। शिक्षा मंत्री ने साफ कर दिया है कि इसे लेकर विषयवार रिक्तियों की मांग की गई है।

--आईएएनएस

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