समुद्र में जीवनरक्षक अभियान: नौसेना के हेलीकॉप्टर से हुई मछुआरे की वापसी

समुद्र में जीवनरक्षक अभियान: नौसेना के हेलीकॉप्टर से हुई मछुआरे की वापसी

नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना ने समुद्र में जीवनरक्षक अभियान के जरिए नौसैनिक हेलीकॉप्टर ने मुसीबत में फंसे एक मछुआरे की तट पर वापसी सुनिश्चित की है। पूर्वी नौसैनिक कमान ने समुद्र में त्वरित राहत एवं बचाव क्षमता का यह शानदार प्रदर्शन किया है। नौसेना ने यहां विशाखापत्तनम तट के पास फंसे हुए मछुआरे को सुरक्षित वापस लाने का काम किया।

भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर ने जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में हवाई बचाव अभियान चलाया। मछुआरे को व्यापारी जहाज से सुरक्षित निकाला और उसे तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। नौसेना द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, मुसीबत में फंसे इस मछुआरे की मछली पकड़ने वाली नाव समुद्र में लापता हो गई थी। इसके बाद 05 जुलाई 2026 को क्षेत्र से गुजर रहे एक व्यापारी जहाज ने उसे समुद्र से सुरक्षित बचा लिया। बाद में 06 जुलाई 2026 को नागरिक प्रशासन के अनुरोध पर भारतीय नौसेना ने तत्काल हवाई निकासी अभियान शुरू किया।

भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर ने व्यापारी जहाज के ऊपर मंडराते हुए अत्यंत सावधानी से रेस्क्यू होइस्ट (विशेष रस्सी एवं लिफ्टिंग प्रणाली) के माध्यम से मछुआरे को हेलीकॉप्टर में सुरक्षित उठाया। गौरतलब है कि समुद्र के बीच इस प्रकार का अभियान अत्यधिक कौशल, सटीक समन्वय और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की मांग करता है। हेलीकॉप्टर में सवार चिकित्सा दल ने मछुआरे की तत्काल स्वास्थ्य जांच की और आवश्यक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से विशाखापत्तनम लाया गया। यहां नौसेना ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर उसे नागरिक प्रशासन के अधिकारियों को सौंप दिया।

यह अभियान भारतीय नौसेना, नागरिक प्रशासन और व्यापारी जहाजों के बीच उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण है। साथ ही, यह भी दर्शाता है कि भारतीय नौसेना केवल समुद्री सुरक्षा ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में मानवीय सहायता और खोज एवं बचाव अभियानों में भी हमेशा तत्पर रहती है। समुद्र में किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देकर मानव जीवन की रक्षा करना भारतीय नौसेना की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। इससे पहले, एक अन्य बचाव कार्रवाई में, अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना की त्वरित और सटीक कार्रवाई ने इन समुद्री लुटेरों के मंसूबों पर पानी फेर दिया था।

2 जुलाई को भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड यहां सही समय पर पहुंचा और संकट में फंसे मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन आर्सेनल की मदद की। इस दौरान नौसैनिक जहाज ने न केवल पूरी स्थिति को नियंत्रित किया, बल्कि जहाज और उसके चालक दल की सुरक्षा भी सुनिश्चित की। जहाज पर चालक दल के 21 सदस्य सवार थे। इनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। नौसेना की विशेष बोर्डिंग टीम ने हेलीकॉप्टर और नौकाओं की सहायता से चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित रूप से बाहर निकला।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएस