चेन्नई, 13 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु के सेलम में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न मामले को लेकर डीएमके की उप महासचिव और सांसद कनिमोझी ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने गिरफ्तार आरोपी से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।
कनिमोझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि टीवीके समर्थक बताए जा रहे एक व्यक्ति द्वारा 50 से अधिक महिलाओं को कथित रूप से धमकाने और उनके अश्लील वीडियो बनाने की खबर बेहद चौंकाने वाली है। उन्होंने पोल्लाची यौन उत्पीड़न मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का ध्यान दोषियों को बचाने के बजाय निष्पक्ष जांच और उन्हें सजा दिलाने पर होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
यह मामला तब सामने आया जब सेलम शहर पुलिस ने शुक्रवार देर रात कोंडलमपट्टी के चिन्ना पुथुर निवासी 40 वर्षीय किराना दुकानदार एम. मणिकंदन को गिरफ्तार किया। उस पर एक महिला के साथ कथित यौन उत्पीड़न करने, घटना का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड करने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने का आरोप है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। ऑडियो में महिला ने आरोप लगाया कि मणिकंदन, जो खुद को टीवीके का समर्थक बताता था, ने उसका यौन शोषण किया और रिकॉर्ड किए गए वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करता रहा।
महिला ने यह भी दावा किया कि कुछ महीने पहले उसके साथ रहने के दौरान उसने आरोपी के मोबाइल फोन में कई अन्य महिलाओं के अश्लील वीडियो देखे थे। उसके अनुसार, उसने उस समय मोबाइल से करीब 50 वीडियो डिलीट कर दिए थे।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त किया, जिसमें तीन अश्लील वीडियो क्लिप मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इन वीडियो की जांच कर उनमें दिखाई दे रही महिलाओं की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
इस बीच टीवीके के सेलम दक्षिण जिला सचिव आर.एस. मणिकंदन ने बयान जारी कर कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति पार्टी की संगठनात्मक संरचना का सदस्य नहीं है और न ही उसके पास कोई आधिकारिक पद है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस प्रकरण में और भी महिलाएं पीड़ित हुई हैं।
--आईएएनएस
डीएससी






