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संजय निषाद के बयान पर सपा का पलटवार, बोली- हम किसी की बैसाखी नहीं

सपा का पलटवार, कहा- 'हम किसी की बैसाखी नहीं बनते'
संजय

लखनऊ, 17 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। निषाद पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद के उस बयान पर समाजवादी पार्टी ने पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि निषाद पार्टी को समाजवादी पार्टी की बैसाखी की जरूरत नहीं है और निषाद पार्टी एनडीए का अटूट हिस्सा है और रहेगी।

इस पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "पहले तो हम किसी की बैसाखी बनते नहीं हैं। चुनाव में गठबंधन होता है और बराबरी की बात होती है। यह शब्द भारतीय जनता पार्टी के द्वारा इस्तेमाल किया जाता है कि किसी को किसी की बैसाखी बनना है।"

आशुतोष वर्मा ने कहा कि निषाद समाज अपने आप में सक्षम है और समाजवादी पार्टी ने हमेशा निषाद समाज को सम्मान दिया है। समाजवादी पार्टी के बैनर तले ही निषाद समाज को देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद तक भेजा गया है। उन्होंने कहा, "मेनका गांधी जैसी कद्दावर नेता के सामने निषाद समाज को देश की सबसे बड़ी पंचायत में समाजवादी पार्टी ने भेजा है। निषाद समाज के दूसरे नेताओं को भी समाजवादी पार्टी ने अपने सिंबल पर देश की सबसे बड़ी पंचायत में भेजा है। हमें निषाद समाज के लिए बैसाखी नहीं बनना है, हमें उनके साथ चाहिए।"

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की नीति स्पष्ट है और पार्टी लगातार पीडीए यात्रा, पीडीए रैली और पीडीए समागम के जरिए काम कर रही है। वर्मा ने कहा, "पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक ने हम पर विश्वास जताया है और हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनको ज्यादा से ज्यादा सत्ता में भागीदारी देकर, हिस्सेदारी देकर उनका मनोबल ऊंचा करें। हमें पूरी उम्मीद है कि आगे आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में पीडीए पूरी तरीके से समाजवादी पार्टी के साथ रहेगा और पीडीए ही सरकार बनाएगा।"

इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चुनाव से पहले 1 लाख सरकारी नौकरियां देने और अब तक 9.5 लाख नौकरियां दिए जाने के दावे पर भी सपा प्रवक्ता ने सरकार को घेरा।

आशुतोष वर्मा ने तंज कसते हुए कहा, "ये वही बात है ना कि आपकी किताबों में मौसम गुलाबी है, लेकिन यह हकीकत नहीं है। मैंने यह भी सुना है कि संविदा कर्मियों की नौकरियों के आवंटन के लिए भी सभागार में मुख्यमंत्री को जाना पड़ता है और बड़े-बड़े सर्टिफिकेट के साथ उनको नौकरी देनी पड़ती है।"

उन्होंने कहा कि तीस करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में 9 लाख नौकरियों का दावा ऊंट के मुंह में जीरा जैसा है। उन्होंने कहा कि सरकार को आंकड़ों की बाजीगरी के बजाय जमीनी हकीकत देखनी चाहिए। राजधानी लखनऊ में शाहनवाज द्वारा अपनी पूर्व प्रेमिका को कार के बोनट पर घसीटने की घटना पर सपा प्रवक्ता ने योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, "यह बहुत दुखद है और अपने आप में बहुत हद तक शर्मसार करने वाली घटना है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कानून व्यवस्था की क्या स्थिति है? सरकार रोज दावे कर रही है कि लखनऊ में लगातार अच्छी चीजें हो रही हैं, कानून व्यवस्था चाक-चौबंद है, लेकिन रोज टेलीविजन पर, सारे मीडिया पर लखनऊ की कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ती हैं।"

उन्होंने कहा कि जो लोग महिला सुरक्षा की बात कर रहे हैं, उन्हें अपने आप को आईने में देखना चाहिए। जब वे बात करते हैं तो उनकी आत्मा थर्राती क्यों नहीं है? लखनऊ में हमारी बच्चियों के साथ ऐसी हैवानियत हो रही है और वे लगातार झूठ पर झूठ बोलते चले जा रहे हैं।

महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भाजपा नेता अपर्णा यादव द्वारा शाहनवाज की घटना को लव जिहाद बताने पर भी आशुतोष वर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा, क्योंकि इस तरीके की भाषा महिला आयोग की उपाध्यक्ष को नहीं बोलनी चाहिए। आप अपनी राजनीति के लिए समाज में विघटन डालने की कोशिश न कीजिए।" सपा प्रवक्ता ने कहा कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को पहले मामले की जांच करनी चाहिए। आप पता कीजिए कि बात क्या है, तहकीकात कीजिए, जांच कीजिए, उसके बाद टिप्पणी करनी चाहिए। यह बहुत गैर-जिम्मेदाराना और बहुत हल्का बयान है, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।"

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी