सचिन अहीर में सही समय पर सही फैसला लेने की क्षमता: सीएम देवेंद्र फडणवीस

सचिन अहीर में सही समय पर सही फैसला लेने की क्षमता: सीएम देवेंद्र फडणवीस

मुंबई, 1 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र विधान परिषद के उप-सभापति के तौर पर सचिन अहीर के निर्विरोध चुने जाने पर उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि सचिन अहीर ने अनुभवी नेता शरद पवार की देखरेख में ट्रेनिंग ली है, इसलिए उन्हें अच्छी तरह पता है कि कब गोल करना है और उनमें सही समय पर सही फैसला लेने की काबिलियत है।

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी चेयरमैन पद के लिए अपना नॉमिनेशन वापस लेने पर विपक्ष का धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा, "सचिन अहीर और मैं 1999 में एक साथ चुने गए थे। 'अहीर' शब्द का शाब्दिक अर्थ है ग्वाला और निडर व्यक्ति। उनके साथ मेरे निजी अनुभव के आधार पर, वे सचमुच एक निडर कार्यकर्ता हैं।"

उन्होंने कहा कि डिप्टी चेयरमैन की कुर्सी पर बैठने वाले व्यक्ति से सभी को न्याय दिलाने की उम्मीद की जाती है और उन्हें भरोसा है कि सचिन अहीर ऐसा करेंगे।

सीएम ने नीलम गोर्हे को भी बधाई दी, जो पहले डिप्टी चेयरपर्सन थीं। उन्होंने हाल के राजनीतिक टकराव के समय में कड़ा रुख अपनाने और बेहतरीन काम करने के लिए उनकी तारीफ की।

फडणवीस ने कहा कि सचिन अहीर का करियर जमीनी आंदोलनों से निकले नेता के तौर पर जाना जाता है।

उन्होंने मजदूरों के लिए सक्रिय रूप से काम किया है और मिल मजदूर सभा के पदाधिकारी रहे हैं।

वे 1999 में विधानसभा के सदस्य (एमएलए) बने और लगातार तीन बार चुनाव जीते, बाद में उन्होंने 2009 में राज्य मंत्री के तौर पर काम किया।

उन्होंने याद किया कि सचिन भाऊ ऐसे मंत्री के तौर पर जाने जाते थे जो हमेशा सही और सटीक जवाब देते थे। किसी अहम मुद्दे पर अक्सर पूछते थे, "आपकी क्या उम्मीदें हैं?"

मुख्यमंत्री ने अहीर के मशहूर दही-हांडी कार्यक्रमों और सामाजिक क्षेत्र में उनके अहम योगदान का भी जिक्र किया।

उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सचिन अहीर 2019 का चुनाव लड़ना चाहते थे। पार्टी नेतृत्व की इच्छा का पालन करते हुए अहीर और सुनील शिंदे दोनों ने वर्ली निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ा।

फडणवीस ने इस बात की पुष्टि करते हुए चुनाव को सही ठहराया कि सचिन अहीर की नियुक्ति पूरी तरह से कानूनी तरीके से की गई है।

फडणवीस ने कहा, "जब वे सदन में आए तो वे 'धनुष-बाण' चुनाव चिह्न के तहत आए थे, इसलिए कोई तकनीकी बदलाव नहीं हुआ है।"

उन्होंने याद किया कि जब नीलम गोर्हे डिप्टी चेयरमैन बनी थीं, तब विपक्ष की आपत्तियों को कैसे संभाला गया था। उन्हें उम्मीद थी कि विपक्ष को उन कानूनी पहलुओं के जवाब पहले से पता थे, इसलिए वे सचिन अहीर की नियुक्ति को लेकर कोई आपत्ति नहीं उठाएंगे।

--आईएएनएस

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