श्रीनगर, 11 अगस्त (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस से पहले सीआरपीएफ ने श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर छात्रों के साथ एक भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया। इस रैली का मकसद सिर्फ 15 अगस्त का जश्न मनाना नहीं था, बल्कि आने वाली पीढ़ी को देश की आजादी की कीमत और तिरंगे के सम्मान के बारे में बताना था।
सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट प्रह्लाद सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर लाल किले से "हर घर तिरंगा" अभियान की घोषणा की थी। उसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए हर साल 15 अगस्त के उपलक्ष्य में यह रैली निकाली जाती है।
उन्होंने कहा, "आज हमने इस तिरंगा रैली में पास के स्कूल के बच्चों को शामिल किया है, क्योंकि यही हमारे जम्मू-कश्मीर और भारत का भविष्य हैं। हम चाहते हैं कि ये बच्चे जानें कि हमारे देश की संस्कृति, हमारी धरोहर और हमारी आजादी किन परिस्थितियों में मिली है। आजादी मुफ्त में नहीं मिली। इसके लिए लोगों ने बलिदान दिया है। इसका सम्मान करना और इसे याद रखना हम सभी का कर्तव्य है।"
रैली में शामिल छात्र आदित्य राज सिंह ने कहा कि इस तिरंगा रैली का महत्व बहुत ज्यादा है। इसका नाम ही "हर घर तिरंगा रैली" है, तो हर घर में तिरंगा लहराना चाहिए।
उन्होंने कहा, "हर एक इंसान, जो इस देश में रह रहा है, उसे यहां के इतिहास का पता होनी चाहिए। आज अगर हम आजादी से जी रहे हैं तो उसकी बहुत बड़ी कीमत चुकाई गई है। हर एक इंसान को अपने देश पर गर्व होना चाहिए। उसे पता होना चाहिए कि इस तिरंगे की अहमियत क्या है?"
टिंडेल बिस्को स्कूल में पढ़ने वाले 9वीं क्लास के छात्र नील ने कहा, "हमें तिरंगा रैलियों और सरकार व अन्य संस्थाओं द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेना चाहिए, ताकि हम अपने देश का मान बढ़ा सकें। यही संदेश है।"
नील ने बताया कि यह दूसरी बार है जब वह इस रैली में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा, "मैं पिछले साल भी यहां आया था। अनुभव काफी हद तक वैसा ही रहा है, लेकिन दोनों ही बार मुझे गर्व महसूस हुआ है और देश के लिए कुछ करने की भावना रही है क्योंकि हम यहां आए हैं।"
--आईएएनएस
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