कोलकाता, 10 जून (आईएएनएस)। कलकत्ता हाई कोर्ट बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने विधायकों के हस्ताक्षर मेल न खाने के मामले में सीआईडी के समन को चुनौती दी है।
पिछले हफ्ते, पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे बनर्जी ने जस्टिस चैताली चटर्जी दास की सिंगल-जज वेकेशन बेंच का रुख किया। उन्होंने सीआईडी के समन को चुनौती दी और इस मामले में गिरफ्तारी समेत पुलिस की सख्त कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की।
उन्होंने मामले की तेजी से सुनवाई (फास्ट-ट्रैक हियरिंग) की भी अपील की। हालांकि, वेकेशन बेंच ने इस अपील को खारिज कर दिया और मामले की पहली सुनवाई के लिए 10 जून की तारीख तय की।
बुधवार को हुई सुनवाई से पहले, मंगलवार को दक्षिण कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के घर के पास तृणमूल पार्टी के एक दफ्तर और मध्य कोलकाता के कैमक स्ट्रीट में एक और दफ्तर, जहां से अभिषेक बनर्जी काम करते थे, पर एक साथ छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे।
विपक्ष के लिए आरक्षित विधानसभा के कुछ अहम पदों पर नियुक्तियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर तृणमूल के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में अंतर के मामले की जांच के सिलसिले में सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए तीन नोटिस भेजे थे।
हालांकि, अभिषेक बनर्जी ने सभी समन को नजरअंदाज कर दिया, जिसमें वह समन भी शामिल था जिसके तहत उन्हें मंगलवार शाम 5 बजे तक भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए पेश होना था।
मंगलवार को दो जगहों पर एक साथ की गई छापेमारी और तलाशी का मकसद उस प्रस्ताव की मुख्य कॉपी को खोजना था। हालांकि, सीआईडी ने अभी तक अपनी तलाशी के नतीजों के बारे में कोई पुष्टि नहीं की है।
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, दोनों ही 8 जून को विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक की एक अहम बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली गए थे। इसके बाद, 9 जून को ममता बनर्जी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के साथ आमने-सामने की बैठक भी की।
--आईएएनएस
पीएसके






