नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को गोवा पहुंच रहे हैं। यहां वह हुतात्मा स्मृति स्मारक के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान वह उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देंगे, जिन्होंने गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
इतिहासकार मानते हैं कि गोवा की मुक्ति के लिए लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग देश कभी नहीं भूल सकता। इस संघर्ष को अंजाम तक पहुंचाने भारतीय वीरों ने पुर्तगाली शासन के खिलाफ लड़ाई में जिस साहस और समर्पण का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा है। इन वीर जवानों की याद में बनाया गया हुतात्मा स्मृति स्मारक इन बलिदानियों की वीरगाथा और उनके संघर्ष को हमेशा याद दिलाता रहेगा।
इस बीच रक्षा मंत्री ने केरल के प्रमुख पर्व ओणम पर भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। गौरतलब है कि ओणम केवल फसल का त्योहार नहीं, बल्कि केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का उत्सव भी है।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह पर्व लोगों को खुशी और उत्साह के साथ एक साथ लाता है तथा समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है। ओणम प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है। राजनाथ सिंह ने कामना की कि फसल का यह पर्व हर किसी के जीवन में खुशी, शांति और समृद्धि लेकर आए।
रक्षा मंत्री ने मिलाद-उन-नबी के अवसर पर भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि यह अवसर सभी के जीवन में शांति और समृद्धि लेकर आए।
उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव और करुणा की भावना को और मजबूत करने की जरूरत है। उनका संदेश था कि आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द को मजबूत करके ही समाज को और अधिक शांतिपूर्ण और मजबूत बनाया जा सकता है। एक ही दिन राजनाथ सिंह के तीन संदेश यानी गोवा के बलिदानियों को श्रद्धांजलि, ओणम पर प्रकृति और संस्कृति का सम्मान तथा मिलाद-उन-नबी पर शांति और सद्भाव की कामना देश की विविधता में एकता और साझा विरासत की तस्वीर भी पेश करते हैं।
--आईएएनएस
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