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Rashid Alvi Statement : धार्मिक स्थलों पर पाबंदी लगाई जा सकती है, लेकिन नदियों-पहाड़ों पर नहीं: राशिद अल्वी

बदरीनाथ-केदारनाथ विवाद पर राशिद अल्वी की टिप्पणी, सार्वजनिक स्थलों पर रोक को बताया असंवैधानिक
धार्मिक स्थलों पर पाबंदी लगाई जा सकती है, लेकिन नदियों-पहाड़ों पर नहीं: राशिद अल्वी

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने बदरीनाथ-केदारनाथ में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने के बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के ऐलान पर कहा कि आप मंदिरों पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। लेकिन, नदियों-पहाड़ों पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते हैं।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने कहा कि अगर वे पाबंदी लगाना चाहते हैं, तो लगा सकते हैं। मुसलमानों का मंदिर में क्या काम है और वे मंदिर में क्यों जाएंगे? मुसलमानों का वहां क्या काम है? किसी हिंदू को मस्जिद में नहीं जाना चाहिए। किसी और का वहां क्या काम है? लेकिन नदियों, पहाड़ों, या आम सार्वजनिक स्थानों पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जा सकती। नदियां और पहाड़ पूरे भारत के हैं, हर नागरिक के हैं। इसलिए, अगर सत्ता या अधिकार के नशे में ऐसा कोई कदम उठाया जाता है, तो यह गैर-संवैधानिक है।

दूसरी ओर देशभर में यूजीसी के नए नियम को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। इसे लेकर जब कांग्रेस नेता अजय छिकारा से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि नए नियम पर अध्ययन होना चाहिए कि इसमें नया क्या आया है। उन्होंने कहा कि देश भर में दलितों, आदिवासियों और अन्य हाशिए पर पड़े समुदायों के साथ बहुत अन्याय हुआ है। हो सकता है कि इन समुदायों के दबाव की वजह से यह फैसला लिया गया हो।

एनओबी प्रोग्राम का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता अजय छिकारा ने बताया कि आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य मुद्दा यह था कि इंडियन यूथ कांग्रेस, जो देश का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक संगठन है और दुनिया के सबसे बड़े संगठनों में से एक है। उन्होंने अपना नेशनल ऑफिस बेयरर (एनओबी) प्रोग्राम लॉन्च किया है। इस प्रोग्राम के जरिए हम उन युवाओं से आवेदन मांग रहे हैं जो संविधान की रक्षा के लिए लड़ना चाहते हैं और राहुल गांधी के पैगाम की राजनीति करना चाहते हैं। वे आवेदन कर सकते हैं। यह आठ महीने का कार्यक्रम है, जिसमें विभिन्न चरण होंगे।

हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम के चुनावों का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता अजय छिकारा ने कहा कि सबने देखा कि सत्ताधारी पार्टी ने कैसे पैसे और बाहुबल का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद, कांग्रेस ने अपने आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए, संविधान की रक्षा करते हुए और अपना संदेश लोगों तक पहुंचाते हुए पूरी मेहनत से चुनाव लड़ा। हमारी आशा के अनुरूप नतीजे नहीं आए हैं। हम उन युवा साथियों को कांग्रेस के साथ जोड़ना चाहते हैं जो देश के संविधान को बचाने के लिए योगदान देना चाहते हैं।

--आईएएनएस