रामदास आठवले का बड़ा दावा- उद्धव ठाकरे बन सकते हैं एनडीए का हिस्सा

रामदास आठवले का बड़ा दावा- उद्धव ठाकरे बन सकते हैं एनडीए का हिस्सा

इंदौर, 23 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में एनडीए का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने यह दावा मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में किया।

उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं को लगता है कि उनका भविष्य एकनाथ शिंदे के साथ रहकर बनेगा, वह एनडीए में रहते हुए मजबूत होंगे। इसी वजह से वह एकनाथ शिंदे के साथ आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि उद्धव ठाकरे को छोड़कर अधिकांश सांसद और विधायक एकनाथ शिंदे के साथ आ रहे हैं। अब उद्धव ठाकरे के साथ बहुत ही कम सांसद और विधायक हैं। उनके साथ समस्या यह हुई थी कि 2019 में भाजपा और शिवसेना ने एक साथ चुनाव लड़ा था, लेकिन जब भाजपा अपनी सीटों के दम पर सरकार बनाने में सफल नहीं हो पाई, तब उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ जाने का मन बना लिया। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया होता तो आज वह हमारे साथ ही रहते हैं और उनका ही नेतृत्व रहता। मैंने उन्हें कई बार समझाया भी था कि आप हमारे साथ रहें। अब इतने लोग हमारे साथ आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में एक दिन ऐसा भी होगा कि उद्धव ठाकरे को भी हमारे साथ आना होगा।

इसके अलावा, उन्होंने राम मंदिर के दानपात्र में हुए कथित घोटाले को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, यह अच्छी बात नहीं है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार के विरोध में है। घोटाला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। सीएम योगी ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। इस घोटाले में संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। राम मंदिर में ऐसा घोटाला होना अच्छी बात नहीं है। ऐसा नहीं होना चाहिए था, लेकिन कुछ लोगों की ऐसी मानसिकता होती है कि वो भ्रष्टाचार करते हैं। अब ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होकर रहेगी।

साथ ही, उन्होंने यूसीसी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यूसीसी में मुस्लिम समुदाय की प्रगति निहित है। पहले 13 और 14 बच्चे होते थे, लेकिन अब जब परिवार नियोजन का कानून बना तो हम दो और हमारे दो जैसे नारों के साथ लोगों को जागरूक किया गया। फैमिली प्लानिंग होनी जरूरी है। चीन में वन फैमिली वन चाइल्ड जैसी नीति है। अब स्थिति ऐसी हो चुकी है कि जनसंख्या के मामले में भारत नंबर एक है। अगर यूसीसी लागू होगा तो हिंदू-मुस्लिम में एकता पैदा होगी। अगर यह कानून बनेगा तो मुस्लिम समाज का ही फायदा होगा।

--आईएएनएस

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