रामलला दर्शन से पहले अजय राय को रोका, कांग्रेस ने लगाया हाउस अरेस्ट का आरोप

रामलला दर्शन से पहले अजय राय को रोका, कांग्रेस ने लगाया हाउस अरेस्ट का आरोप

अयोध्या, 30 जून (आईएएनएस)। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मंदिर ट्रस्ट का घेराव और भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए पहुंचे उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय समेत पार्टी के नेताओं को पुलिस ने रोक दिया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और राजनीतिक दमन करार दिया, जबकि प्रशासन ने कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया एहतियाती कदम बताया।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन, मंदिर ट्रस्ट से मुलाकात और चढ़ावा प्रकरण की जानकारी लेने वाला था। प्रतिनिधिमंडल ने मंदिर ट्रस्ट कार्यालय के घेराव का भी ऐलान किया था। इससे पहले सोमवार देर रात पुलिस ने अजय राय को अयोध्या के एक होटल से हिरासत में लेकर दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया।

कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश अध्यक्ष को 'हाउस अरेस्ट' किया गया और उन्हें मंदिर जाने से रोका गया। पार्टी का कहना है कि प्रतिनिधिमंडल में सांसद और विधायक भी शामिल होने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।

अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और भूमि घोटालों के सवालों से बचने के लिए विपक्ष की आवाज दबा रही है। उन्होंने कहा कि उनका प्रतिनिधिमंडल केवल भगवान श्रीराम के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आया था, साथ ही मंदिर में सामने आए विवादों पर तथ्य जुटाकर रिपोर्ट तैयार करना चाहता था।

अजय राय ने कहा, ''हम भगवान श्रीराम से प्रार्थना करना चाहते थे कि चढ़ावे की कथित चोरी, दान राशि में गड़बड़ी और भूमि घोटालों से इस पवित्र धाम की जो बदनामी हुई है, उससे मुक्ति मिले। लेकिन हमें नजरबंद कर दिया गया। रात करीब 11:30 बजे पुलिस ने जबरन हिरासत में लेकर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस पहुंचा दिया। हमें मंदिर जाने से रोका जा रहा है।''

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता दर्शन और पूजा-अर्चना के अधिकार के लिए हर संघर्ष करने को तैयार हैं। जरूरत पड़ी तो जेल जाएंगे और अन्न-जल का त्याग भी करेंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे। कांग्रेस ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट राहुल गांधी को सौंपी जाएगी और उसके आधार पर संसद के मानसून सत्र में सरकार को घेरा जाएगा। पार्टी का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है।

उधर, कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कई जिलों में पार्टी नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात कर दी गई ताकि वे अयोध्या न पहुंच सकें। हालांकि, किशोरी लाल शर्मा देर रात अयोध्या पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें भी भगवान श्रीराम के दर्शन से रोका गया। उन्होंने कहा, "चढ़ावा चोरी तो नहीं रोकी जा सकी, लेकिन रामभक्तों को दर्शन से रोका जा रहा है। आखिर किस परंपरा में श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन से रोका जाता है?"

इस बीच अजय राय की पत्नी रीना राय ने भी वीडियो संदेश जारी कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार उनके पति की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और यदि उन्हें कोई नुकसान होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

--आईएएनएस

विकेटी/एसके