लखनऊ, 16 जून (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने राम दान चोरी मामले में गठित एसआईटी जांच को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान श्रीराम और सनातन धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा को अब जनता जवाब दे रही है। इसके साथ ही उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
राम मंदिर दान चोरी मामले में एसआईटी जांच के सवाल पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि जांच तब शुरू हुई है, जब जनता का आक्रोश बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा का इससे बड़ा कोई पाप नहीं हो सकता कि श्रद्धालुओं और भक्तों के पैसे को भी चुराने का आरोप उस पर लगे। जो लोग सनातन धर्म के नाम पर वोट मांगते हैं, वही भगवान श्रीराम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल करते रहे हैं।
उन्होंने 2024 के अयोध्या चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि मंदिर उद्घाटन को राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से जल्दबाजी में किया गया था, लेकिन जनता ने अपना फैसला सुना दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने वहीं से संदेश दिया कि जो लोग उनके नाम पर राजनीति करते हैं और मंदिर से जुड़े मामलों में भी पारदर्शिता नहीं रखते, उन्हें सत्ता से बाहर करने का समय आ गया है।
भाजपा को हिंदुत्व और राम की पार्टी कहे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी को भगवान श्रीराम और सनातन धर्म से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले राजनीतिक लाभ से प्रेम है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था का उपयोग वोट बैंक की राजनीति के लिए किया जा रहा है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के इंडिया गठबंधन में शामिल होने की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ओवैसी की पार्टी सीमित क्षेत्रों तक सिमटी हुई है, लेकिन अन्य राज्यों में उसकी सक्रियता के पीछे राजनीतिक उद्देश्य दिखाई देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां भाजपा कमजोर होती है, वहां-वहां वोटों का ध्रुवीकरण कराने के लिए ओवैसी की पार्टी को आगे बढ़ाया जाता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता समझदार है और वह ऐसी कोशिशों को सफल नहीं होने देगी। जनता उन ताकतों के साथ खड़ी होगी जो लोकतंत्र और संविधान को सर्वोच्च मानती हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लैंड माफिया के खिलाफ कार्रवाई संबंधी बयान पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रदेश की प्रगति, रोजगार, महंगाई और विकास जैसे मुद्दों पर भी बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से जनता महंगाई, भ्रष्टाचार, परीक्षा संबंधी विवादों और अन्य समस्याओं से जूझ रही है। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि विकास, एकता और प्रदेश की उन्नति पर कब चर्चा होगी। लोगों की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है, न कि ऐसे मुद्दों पर जो जनता की प्राथमिकताओं से जुड़े नहीं हैं।
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर भी प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस एक बड़ी पार्टी होने के नाते क्षेत्रीय दलों का सम्मान करे। इस पर शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि बड़ी पार्टी होने के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दल अपने-अपने राज्यों में मजबूत जनाधार रखते हैं और वे उम्मीद करते हैं कि बड़ी पार्टियां उन्हें सम्मान दें और एकजुट होकर संघर्ष करें। लेकिन पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के खिलाफ ही अभियान चलते दिखाई दिए, जिससे जनता के बीच गठबंधन को लेकर विश्वास कमजोर हुआ है।
--आईएएनएस
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