राम मंदिर चढ़ावा विवाद : संत समाज ने एसआईटी जांच पर जताया भरोसा, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

राम मंदिर चढ़ावा विवाद : संत समाज ने एसआईटी जांच पर जताया भरोसा, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुरुआती जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट को लेकर संत समाज की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विभिन्न संतों और धार्मिक नेताओं ने जांच प्रक्रिया पर विश्वास जताते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गठित एसआईटी के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

अयोध्या के महंत सीताराम दास ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि एसआईटी रिपोर्ट पूरी तरह पारदर्शी है। संत समाज को पहले से ही विश्वास था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित जांच टीम निष्पक्ष तरीके से काम करेगी और पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने लाएगी। जांच रिपोर्ट ने इस विश्वास को और मजबूत किया है।

वहीं, आर्य संत वरुण दास ने कहा कि एसआईटी रिपोर्ट पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई थीं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुरुआत से ही जनता और संत समाज से धैर्य बनाए रखने की अपील की थी तथा भरोसा दिलाया था कि जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी। अब रिपोर्ट आने के बाद लोगों के मन में उठ रहे कई सवालों का समाधान हुआ है।

नोएडा से सद्गुरु आचार्य सतीश महाराज ने भी चढ़ावा विवाद की एसआईटी जांच पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों सनातनियों और हिंदुओं की आस्था, समर्पण और संघर्ष का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं ने एक-एक पैसा जोड़कर मंदिर निर्माण में योगदान दिया है और यह 500 वर्षों के लंबे संघर्ष एवं भक्ति का परिणाम है। ऐसे में यदि चंदे से जुड़े किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संत समाज ऐसे किसी भी कृत्य का पुरजोर विरोध करता है।

आचार्य सतीश महाराज ने संतोष व्यक्त किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए गए और एसआईटी का गठन किया गया। पिछली सरकारों के दौरान जिन मामलों में कार्रवाई नहीं होती थी, आज भाजपा सरकार में उन पर तत्परता से कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने संत समाज से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

विपक्षी दलों द्वारा भाजपा सरकार की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य सतीश महाराज ने कहा कि जो लोग अतीत में रामभक्तों के खिलाफ खड़े रहे हैं, उन्हें इस विषय पर टिप्पणी करने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए। केवल सत्ता पक्ष या विपक्ष में होने से कोई व्यक्ति इस विषय पर नैतिक अधिकार प्राप्त नहीं कर लेता। यह देखने की आवश्यकता है कि किसने भगवान श्रीराम और राम मंदिर आंदोलन के लिए वास्तविक योगदान दिया है। भाजपा सरकार ने सदियों पुराने संघर्ष को राम मंदिर निर्माण के रूप में साकार किया है।

उधर, ऋषिकेश से अखिल भारतीय संत समिति के महामंडलेश्वर एवं राष्ट्रीय सचिव ईश्वर दास महाराज ने भी लोगों से एसआईटी जांच पर भरोसा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन इस मुद्दे को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं तथा सनातन समाज को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।

ईश्वर दास महाराज ने कहा कि मंदिर निर्माण से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक कुछ राजनीतिक दलों और समूहों ने लगातार भगवान श्रीराम और सनातन परंपरा का विरोध किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि मंदिर चंदे में कथित चोरी की बात सामने आई है, लेकिन इसके निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए। मंदिर जैसे बड़े संस्थानों में जहां अनेक अच्छे लोग जुड़े होते हैं, वहीं कुछ गलत तत्व भी प्रवेश कर सकते हैं, इसलिए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एसआईटी का गठन किया, जो उनकी गंभीरता को दर्शाता है। राम मंदिर जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति करना और सनातनियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना विपक्ष की पुरानी रणनीति रही है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए कुछ राजनीतिक ताकतें हिंदू समाज में भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रही हैं। विपक्षी दलों का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने संत समाज और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और जांच एजेंसियों को अपना कार्य पूरा करने दें।

मिर्जापुर के श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अष्टकौशल महंत डॉ. योगानंद गिरी महाराज ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कहा कि श्रीराम मंदिर के दानपात्रों से धन और आभूषणों की चोरी से भगवान में आस्‍था रखने वाले भक्‍तों में असंतोष व्‍याप्‍त हो रहा है। इस लूट के लिए एफआईआर कर जांच करनी चाहिए। यह मामला हाईकोर्ट तक गया है, ऐसे में फैसले का इंतजार है। इस डकैती को लेकर संत समाज व्‍यथित है।

--आईएएनएस

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