राम मंदिर चढ़ावा मामले पर संसद में मांगेंगे जवाब: सपा सांसद धर्मेंद्र यादव

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर संसद में मांगेंगे जवाब: सपा सांसद धर्मेंद्र यादव

नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने मानसून सत्र से पहले हुई ऑल पार्टी मीटिंग के बाद कहा कि उनकी पार्टी ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। आईएएनएस से बातचीत में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि श्री राम मंदिर निर्माण के दौरान हुए चढ़ावा चोरी मामले को सदन में पुरजोर तरीके से उठाएंगे।

धर्मेंद्र यादव ने कहा कि हमने अपनी पार्टी की ओर से कई मुद्दे रखे हैं और सरकार से मांग की है कि इन मामलों को सदन में चर्चा के लिए लाया जाए। हम उम्मीद करते हैं कि सदन हमारे नोटिस पर चर्चा की अनुमति देगा। एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा श्री राम मंदिर निर्माण के दौरान पैसे और दान की चोरी से जुड़ा घोटाला है।

यह धोखा और धोखाधड़ी का मामला है, जिससे सनातनियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। हम मांग करते हैं कि इस मामले को सदन में लाया जाए और लोगों को इसे सुनने व समझने का पूरा मौका दिया जाए।

धर्मेंद्र यादव ने नीट पेपर लीक, सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने और 10-12 वर्षों से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय के युवाओं को सरकारी नौकरियों से बाहर किए जाने जैसे मुद्दों को भी सदन में उठाने की बात कही।

उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा डिलिमिटेशन बिल लाना चाहती है, जिससे उनकी मंशा साफ झलकती है। महिला आरक्षण बिल पहले ही पास हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी तथा उसके सहयोगियों ने देशभर में इसके लिए प्रचार अभियान चलाया तो फिर इसे लाने की उनकी मंशा क्या है? समाजवादी पार्टी ने पहले भी सदन में विरोध जताया था, इस सदन में फिर से लाया जाता है तो विरोध दर्ज करवाएंगे।

दूसरी ओर ऑल-पार्टी मीटिंग को लेकर जदयू सांसद संजय झा ने कहा कि हमारी मुख्य चिंता यह थी कि सदन सुचारू रूप से चले, यही सबसे जरूरी बात थी। कई मुद्दे उठाए गए, लेकिन हमने एक बात पर विशेष जोर दिया कि पश्चिम एशिया का संकट लंबा खिंच गया है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, खासकर ऊर्जा संकट और अर्थव्यवस्था पर। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत सरकार ने इसे डिप्लोमैटिक तरीके से बेहतरीन ढंग से संभाला है।

देश की ऑयल सोर्सिंग को मैनेज किया गया और 60 दिन का रिजर्व बनाए रखा गया, जो कमाल का काम है। जब दुनियाभर में तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं, तब भारत ने कीमतों को काफी कम रखने में सफलता हासिल की। तेल कंपनियों ने भी अपना योगदान दिया ताकि स्थिति हाथ से न निकल जाए। यह एक शानदार कामयाबी है। संसद में अल्टरनेटिव एनर्जी के भविष्य के स्रोतों पर भी बहस होनी चाहिए।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने कहा कि हमारे नेता चिराग पासवान और हमारी पार्टी ने कुछ गंभीर मुद्दे उठाए। सबसे पहले हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि सदन के नए चुने गए सदस्यों को विपक्ष की लगातार रुकावटों के कारण अपने काम में कोई बाधा न आए। उन्हें सवाल पूछने, रूल 377 के तहत अपने मुद्दे उठाने और जीरो ऑवर के दौरान पर्याप्त मौका दिया जाना चाहिए।

--आईएएनएस

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