ऋषिकेश, 8 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रभु श्रीराम के मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए करोड़ों रुपए के चढ़ावे में हेराफेरी हुई है।
अवधेश प्रसाद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इस मामले को उजागर करने का श्रेय समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को जाता है। वह अखिलेश यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने इस कथित घोटाले को सार्वजनिक रूप से उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में शामिल लोग बाहरी नहीं, बल्कि जिम्मेदार पदों पर बैठे हुए लोग हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुछ प्रभावशाली लोग इस लूट को दबाने का प्रयास कर रहे हैं और सरकार भी उनका बचाव करती नजर आ रही है।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि देश की न्यायपालिका पर जनता का विश्वास कायम है और उन्हें उम्मीद है कि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच संभावित गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता तेजी से समाजवादी पार्टी से जुड़ रही है और राज्य में परिवर्तन चाहती है। प्रदेश की जनता अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) आधारित सरकार का गठन देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि पार्टी का संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और जनता का समर्थन भी बढ़ रहा है।
दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक का उल्लेख करते हुए सपा सांसद ने कहा कि वर्तमान समय में देश कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं में बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र लगातार पेपर लीक जैसी घटनाओं से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि छात्र पूरे वर्ष कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों के कारण उनका भविष्य प्रभावित होता है। ऐसे मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के गठन का प्रमुख उद्देश्य संविधान की रक्षा करना, किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना और शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन देशहित से जुड़े इन मुद्दों को मजबूती से उठाता रहेगा और जनता की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का काम करेगा।
--आईएएनएस
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