अयोध्या, 17 जुलाई (आईएएनएस)। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बावजूद2 श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बनी हुई है। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त राम मंदिर पहुंचकर भगवान राम के दर्शन कर रहे हैं और पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद ले रहे हैं। इसी बीच राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने चढ़ावा चोरी मामले को लेकर मंदिर परिसर में शुद्धिकरण और धार्मिक अनुष्ठान शुरू कर दिए हैं।
राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने आईएएनएस को बताया कि यज्ञशाला में विशेष पूजा-पाठ का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही वाल्मीकि रामायण का पाठ भी चल रहा है और हवन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य मंदिर में हुई कथित चोरी के मामले के बाद धार्मिक शुद्धिकरण करना है।
दिनेंद्र दास ने कहा कि जब यह मामला सामने आया और इसमें ट्रस्ट से जुड़े लोगों के नाम भी चर्चा में आए, तो पाठ और पूजा कराने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह अनुष्ठान लगभग एक सप्ताह से दस दिन तक चल सकता है। खुद भगवान राम दोषी को सजा देंगे।
उन्होंने बताया कि यह आयोजन उसी स्थान पर किया जा रहा है, जहां यज्ञशाला स्थित है। इस दौरान भगवान राम की आराधना, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
ट्रस्ट की आगामी बैठक को लेकर उन्होंने बताया कि बैठक में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कथित चोरी की घटना के बाद सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी फैसले लिए जाएंगे।
एसआईटी जांच पर विश्वास जताते हुए दिनेंद्र दास ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जांच में सच्चाई सामने आएगी और उचित कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के बावजूद राम मंदिर में दर्शन और पूजा-पाठ की व्यवस्था सामान्य रूप से जारी है। श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है और बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंच रहे हैं।
वहीं, उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मौलाना जरजिस अंसारी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम और पांच वक्त का नमाजी बताए जाने के बयान पर भी दिनेंद्र दास ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण हिंदू धर्म के पूजनीय देवता हैं और उनके बारे में इस तरह की बातें सही नहीं हैं।