लखनऊ, 27 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। राम मंदिर चंदा मामले पर बोलते हुए संजय निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होगा। जांच आगे बढ़ रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मैं मुख्यमंत्री का धन्यवाद करता हूं कि अब कार्रवाई शुरू हो चुकी है। जो भी सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे और लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जांच एजेंसियों पर भरोसा होना चाहिए। बिना सबूत के कोई एफआईआर दर्ज नहीं होती और न ही किसी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। या तो सरकार खुद जांच एजेंसी बन जाए या फिर एजेंसियों पर विश्वास किया जाए। अगर सबूत नहीं होते तो एफआईआर दर्ज कैसे होती?
अयोध्या में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को साधु-संतों के विरोध का सामना करने के सवाल पर संजय निषाद ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा, बसपा और अन्य विपक्षी दलों ने वर्षों तक राम मंदिर मुद्दे का विरोध किया और अब मामले में राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। जब राम मंदिर बन रहा था तब इन लोगों ने उसका विरोध किया।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा 21 जुलाई को शहीदी दिवस रैली आयोजित करने के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निषाद ने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता करती है। जनता ही जनार्दन है और वही सबसे बड़ी जज है। जनता अपना मन बना चुकी है। अब उन्हें भी आत्ममंथन करना चाहिए कि उनकी पार्टी की स्थिति क्या हो चुकी है।
'ऑपरेशन सिंदूर' में शहीद हुए छह भारतीय सैनिकों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के 'त्याग चक्र' पर अंकित किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए संजय निषाद ने प्रधानमंत्री की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी हैं तो मुमकिन है। राष्ट्र सबसे बड़ा होता है। देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को सम्मान मिलना चाहिए। पिछली सरकारों में इस तरह के प्रयास कम देखने को मिले।
पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को लेकर उठ रही मांग पर मंत्री ने कहा कि जनता के हित में लिए जाने वाले फैसलों का स्वागत होना चाहिए। बंगाल कभी देश के विकास का मॉडल माना जाता था, लेकिन राजनीतिक कारणों से उसका विकास प्रभावित हुआ। अब यदि वहां विकास और सुधार की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं तो यह सकारात्मक संकेत है।
लोचन निषाद, समाधान निषाद और 167 अन्य क्रांतिकारियों की 170वीं शहादत दिवस को लेकर संजय निषाद ने कहा कि भारत का इतिहास गौरवशाली रहा है और देश की आजादी में राष्ट्रवादी विचारधारा के लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में निषाद समाज ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 27 जून को होने वाले ऐतिहासिक बलिदान को याद रखना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के लगातार पूर्वांचल दौरों पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निषाद ने कहा कि जनता के बीच पहुंचने में उन्हें काफी देर हो चुकी है। नेता का असली भाग्य विधाता मतदाता होता है। जनता के बीच लगातार रहना चाहिए। चुनाव नजदीक आने पर लोगों के बीच जाना पर्याप्त नहीं होता।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में दो वर्ष पूरे होने पर राहुल गांधी द्वारा किए गए एक्स पोस्ट पर संजय निषाद ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने लंबे समय तक कांग्रेस पर भरोसा किया, लेकिन पार्टी उस विश्वास पर खरी नहीं उतरी।