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राम मंदिर चढ़ावा विवाद में सुप्रीम कोर्ट से सनातन हित में आएगा फैसला, भ्रम होगा खत्म: देवेशाचार्य

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अयोध्या, 17 अगस्त (आईएएनएस)। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई का संत समुदाय ने स्वागत किया है। संतों ने मामले की स्वतंत्र सीबीआई जांच, ट्रस्ट का सीएजी और फोरेंसिक ऑडिट कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संतों का कहना है कि आस्था के केंद्र में हुई इस घटना से जनमानस आहत हुआ है। अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।

हनुमानगढ़ी के पुजारी देवेशाचार्य ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मामले में एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच हुई है। अब मामला सुप्रीम कोर्ट है। निश्चित रूप से सुप्रीम कोर्ट से सनातन हित में फैसला आएगा। दोषियों को दंडित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने इस मामले को लेकर समाज में भ्रम फैलाने का काम किया है। वह खत्म होगा। हमारे प्रदेश की मुखिया योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि दूध का दूध पानी का पानी होगा। वह दिन आ गया है। अब सुप्रीम कोर्ट उसको साकार करके दिखाएगा।"

सरयू आरती समिति के अध्यक्ष शशिकांत दास ने कहा, "अच्छी बात है कि सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान में लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी एसआईटी गठित करके जांच की थी। जो लोग दोषी पाए गए थे उन्हें सलाखों के पीछे भेजा गया और उनसे रिकवरी भी हुई। किंतु विपक्ष के हो हल्ला मचाने पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है।"

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुरू से कह रहे हैं कि जो भी दोषी सिद्ध होगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी और आज भी उनकी वही बात है। उनकी करनी और कथनी में कोई अंतर नहीं है। जो दोषी होंगे उन्हें सजा अवश्य मिलेगी।

साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने कहा कि जो धर्म पथ पर चलेगा वही विजय होगा। साधु संत इस पर नजर रखे हुए हैं और भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि जांच निष्पक्ष हो। जो जनमानस आहत हुआ है उसकी आस्था बनी रहे।

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी