नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर पार्टी नेताओं ने भाजपा और चुनाव आयोग पर हमला बोला है। सांसद जे.बी. माथर ने भाजपा पर ड्रामा करने और चुनाव आयोग पर इस ड्रामे में सहयोग करने का आरोप लगाया, तो वहीं कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
जे.बी. माथर ने कहा कि यह भाजपा की तरफ से रचा गया ड्रामा है और इस ड्रामे को चुनाव आयोग का सहयोग मिल रहा है। आयोग की जिम्मेदारी भारत में चुनावों की निष्पक्षता और पवित्रता बनाए रखने की होनी चाहिए, लेकिन वह सत्ताधारी भाजपा के दबाव में काम कर रहा है और देश में लोकतंत्र व संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रहा है। हमारे नेताओं ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग के बाहर धरना दिया, लेकिन आयोग ने उनकी बातों को सुनने की कोशिश नहीं की।
वहीं, कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि भाजपा अब तक वोट चुरा रही थी, लेकिन अब वह सीटें भी चुराने लगी है। जिस तरह से मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हुआ है, वह लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले भाजपा नेताओं की भी आंखें खोल देने वाला है।
उन्होंने कहा कि मीनाक्षी पर कोई केस दर्ज नहीं है। बीएनएस की किसी एक धारा के तहत उन्हें नोटिस दिया गया था, जिसका जवाब भी उन्होंने दिया था। कोर्ट के नोटिस की जानकारी एफिडेविट में नहीं देना अपराध नहीं है, लेकिन अपने लोगों को सीटें जितवाना भाजपा का काम है। अब वोटों की ही नहीं बल्कि सीटों की भी चोरी शुरू हो गई है।
सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले को संज्ञान लेगा क्योंकि चुनाव आयोग के पास तो हम धरने पर बैठे हैं, लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं है।
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कहा, “हलफनामा अधूरा था और कुछ तथ्यों को छिपाया गया था। उन्हें एक आपराधिक मामले में समन मिला था और उन्होंने अपना जवाब भी दाखिल किया था, लेकिन उन्होंने अपने हलफनामे में इसका उल्लेख नहीं किया, जो भारत निर्वाचन आयोग के नामांकन नियमों के तहत अनिवार्य है।”