राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 20 अगस्त से, मुख्य एजेंडे में शामिल हो सकते हैं यूसीसी-पेड़ संरक्षण बिल

राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 20 अगस्त से, मुख्य एजेंडे में शामिल हो सकते हैं यूसीसी-पेड़ संरक्षण बिल

जयपुर, 31 जुलाई (आईएएनएस)। 16वीं राजस्थान विधानसभा का छठा (मानसून) सेशन 20 अगस्त से शुरू होगा। इस सेशन में भाजपा सरकार की ओर से प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल और ट्री कंजर्वेशन बिल समेत कुछ जरूरी बिल पेश किए जा सकते हैं।

इस सत्र के दौरान विपक्ष पेपर लीक, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और आने वाले पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी जैसे मुद्दे उठा सकता है।

विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने संविधान के आर्टिकल 174(1) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी है और जरूरी नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सदन 20 अगस्त को सुबह 11 बजे शुरू होगा, और कार्यवाही राष्ट्रगान के साथ शुरू होगी। हालांकि अभी तक सही शेड्यूल की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सत्र के लगभग एक हफ्ते तक चलने की उम्मीद है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद राजस्थान विधानसभा सेक्रेटेरिएट ने सत्र बुलाने का ऑफिशियल गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च को खत्म हुआ था। संवैधानिक नियमों के तहत, दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा का गैप नहीं हो सकता, जिससे अगला सत्र 9 सितंबर से पहले बुलाना जरूरी है।

भजनलाल शर्मा सरकार सत्र के दौरान कई जरूरी बिल पेश कर सकती है। सरकार प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल पेश कर सकती है, जो पर्सनल सिविल मामलों पर एक कॉमन लीगल फ्रेमवर्क देगा। प्रस्तावित कानून को सरकार की बड़ी पॉलिसी पहलों में से एक माना जा रहा है। सरकार ट्री कंजर्वेशन बिल भी पेश कर सकती है, जिसका मकसद राज्य के पेड़ खेजड़ी और कल्पवृक्ष को बचाना है।

प्रस्तावित कानून पिछले विधानसभा सत्र के दौरान सरकार की उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें इकोलॉजिकली जरूरी पेड़ों के लिए ज्यादा कानूनी सुरक्षा की बात कही गई थी। सेशन के दौरान शिक्षा, वित्तीय प्रबंधन, कृषि और दूसरे पब्लिक वेलफेयर मामलों से जुड़े संशोधन बिल भी पेश किए जाने की उम्मीद है।

मानसून सत्र के दौरान विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार पर निशाना साध सकता है। संभावित मुद्दों में भर्ती परीक्षा पेपर लीक, बेरोजगारी और युवाओं को प्रभावित करने वाली चिंता शामिल है। विपक्ष की ओर से कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और शासन से जुड़े मामले भी उठाए जाएंगे।

मानसून के चलते फसलों का नुकसान, उर्वरक और बीजों की कमी और ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की सप्लाई जैसे मुद्दे भी बहस में मुख्य रूप से शामिल हो सकते हैं।

राजस्थान आने वाले पंचायत और शहरी लोकल बॉडी चुनाव की तैयारी की जा रही है। इस लिहाज से भी मानसून सत्र काफी अहम होगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा सचिवालय की ओर से सेशन की तैयारी पूरी कर ली गई है।

--आईएएनएस

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