जयपुर, 10 अगस्त (आईएएनएस)। कोटा में 11वीं कक्षा के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसके पिता ने उसे मोबाइल फोन पर गेम खेलने से रोका और फोन उससे ले लिया।
मयंक नागर (16) ने रविवार रात दादाबाड़ी पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले हनुमान नगर इलाके में अपने घर पर जहरीली चीज खा ली। हालत बिगड़ने पर परिवारवाले उसे एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। सोमवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद मयंक के पिता चौथमल नागर की भी तबीयत बिगड़ गई। परिवार के मुताबिक, मयंक अक्सर अपना समय मोबाइल फोन पर बिताता था। उसके पिता ने बताया कि रविवार को जब परिवार घर पर था, तो उन्होंने मयंक को गेम खेलते हुए देखा।
उन्होंने उसे गेम बंद करने के लिए कहा लेकिन मयंक ने बात नहीं मानी। इसके बाद पिता ने फोन ले लिया। थोड़ी देर बाद, मयंक ने जहर खा लिया। चौथमल ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि मोबाइल फोन लेने का नतीजा इतना दुखद होगा।
मयंक के चाचा संत राम ने बताया कि अचानक लड़के की हालत बिगड़ी और वह गिर पड़ा। जब परिवारवालों ने उससे पूछा कि क्या हुआ है, तो उसने बताया कि जहर खा लिया है।
मयंक की मौत के बाद परिवार ने शुरू में पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया था। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें इसके लिए राजी किया, जिसके बाद सोमवार सुबह न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम किया गया। बाद में शव परिवार को सौंप दिया गया।
परिवारवालों ने बताया कि चौथमल पेंटर का काम करते हैं और उन्हें दिल की बीमारी है। बेटे की मौत की खबर सुनकर उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि मयंक उनका इकलौता बेटा था और उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
दादाबाड़ी पुलिस स्टेशन के एसएचओ बलदेव राम ने बताया कि परिवार शुरू में पोस्टमार्टम के लिए राजी नहीं था लेकिन समझाने के बाद वे मान गए।
पुलिस ने परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना से परिवार और स्थानीय लोग गहरे सदमे में हैं।
--आईएएनएस
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