राहुल गांधी के भाषण में तथ्य थे, उन्हें पूरा बोलने देना चाहिए था: टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा

राहुल गांधी के भाषण में तथ्य थे, उन्हें पूरा बोलने देना चाहिए था: टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा

नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण के बाद हुए राजनीतिक गतिरोध पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने केंद्र सरकार पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के भाषण में तथ्य और सच्चाई थी, उन्हें अपनी बात पूरी करने का अवसर दिया जाना चाहिए था। सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में टीएमसी शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि संसद में जो स्थिति बनी, वह अपेक्षित थी क्योंकि राहुल गांधी पूरी तैयारी के साथ सदन में पहुंचे थे। उनके पास तथ्यों, आंकड़ों और घटनाओं का पूरा विवरण था। राहुल गांधी ने अपने भाषण में छात्रों, महिलाओं और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार, पुलिस कार्रवाई और विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई घटनाओं का उल्लेख किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और कहा कि राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर और संसद परिसर के निकट किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई बिना उच्च स्तर की अनुमति के संभव नहीं हो सकती। यदि सरकार इन आरोपों से सहमत नहीं थी तो उसे राहुल गांधी को पूरा भाषण देने देना चाहिए था और बाद में तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखना चाहिए था।

टीएमसी सांसद ने कहा कि राहुल गांधी का भाषण लोगों को भावुक कर रहा था और सरकार इसी वजह से असहज हो गई। यदि सरकार को उनके आरोप गलत लगते थे तो सदन के रिकॉर्ड पर तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए था, लेकिन उन्हें बीच में रोककर यह संदेश गया कि सरकार छात्रों और युवाओं की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। देशभर में युवा वर्ग और छात्र अपनी मांगों को लेकर चिंतित हैं। यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो भविष्य में आंदोलन और तेज हो सकते हैं। ऐसे हालात में जवाबदेही तय होना आवश्यक है और यह देखा जाना चाहिए कि कथित पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार कौन है।

उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है और सुप्रीम कोर्ट में भी जनहित याचिकाएं दाखिल की गई हैं। किसी भी मुद्दे को बलपूर्वक दबाने की कोशिश अंततः उसे और बड़ा बना देती है। न्यूटन के तीसरे नियम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जितना अधिक किसी मुद्दे को दबाया जाएगा, वह उतनी ही ताकत से वापस सामने आएगा।

प्रदर्शन में कथित आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की मौजूदगी संबंधी सवालों पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि किसी भी बड़े आंदोलन में कुछ अवांछित तत्व शामिल हो सकते हैं, लेकिन इससे पूरे आंदोलन को गलत नहीं ठहराया जा सकता। यदि ऐसे लोगों की जानकारी पहले से थी तो पुलिस ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। इस दौरान 'शांतिपूर्ण विरोध' के लिए सीजेपी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना नागरिकों का अधिकार है और ऐसे आंदोलनों की भावना को समझने की आवश्यकता है।

सीजेपी आंदोलन को लेकर भाजपा सांसद कंगना रनौत के बयान पर शत्रुघ्न सिन्हा ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह फिल्म उद्योग से आती हैं और उनसे जूनियर हैं। वह अपनी भाषा और शब्दों की मर्यादा बनाए रखना पसंद करते हैं, इसलिए इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

--आईएएनएस

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