'राहुल गांधी का आर्थिक मॉडल अंधकार वाला', हिमाचल प्रदेश में वाइल्डलाइफ पार्कों की एंट्री फीस बढ़ोतरी पर भाजपा का निशाना

'राहुल गांधी का आर्थिक मॉडल अंधकार वाला', हिमाचल प्रदेश में वाइल्डलाइफ पार्कों की एंट्री फीस बढ़ोतरी पर भाजपा का निशाना

नई दिल्‍ली, 14 जून (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश में वाइल्डलाइफ पार्कों की फीस बढ़ोतरी पर कांग्रेस सरकार के फैसले से राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और नेशनल पार्क में एंट्री और फोटोग्राफी फीस बढ़ाने पर निशाना साधा।

प्रदीप भंडारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि राज्य की आर्थिक स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है और उस पर भारी कर्ज का बोझ है।

भाजपा नेता ने अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार जनता को लूट रही, राहुल गांधी का आर्थिक मॉडल अंधकार वाला है।

उन्‍होंने कहा, "राहुल गांधी के 'खटा-खट इकोनॉमिक मॉडल' ने हिमाचल प्रदेश को अंधेरे में धकेल दिया है और कांग्रेस सरकार राज्य की जनता को लूट रही है। आरोप है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और वन क्षेत्रों में प्रवेश के लिए फीस बढ़ा दी है। प्रदेश सरकार ने फीस को 100 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।

भाजपा नेता ने कहा कि मुख्‍यमंत्री का ऑन रिकॉर्ड स्‍टेटमेंट है कि हिमाचल प्रदेश पर एक लाख करोड़ से अधिक का कर्ज है। हिमाचल प्रदेश सरकार के पास सड़क बनाने, स्‍कूल बनाने और जनता की सुविधाओं के काम के लिए पैसे नहीं हैं। प्रदेश सरकार कर्मचारियों को वेतन देने में सक्षम नहीं है।

उन्‍होंने कहा कि हाल के दिनों में हिमाचल प्रदेश सरकार ने बस के किराए में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की। इलेक्ट्रिसिटी स्‍कैम को लेकर जनता बातें कर रही है। पूर्व ने कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश की सरकार ने दूध पर सेस और टैक्‍स लगाया। मतलब साफ है कि कांग्रेस की सरकार राहुल गांधी के फर्जी चुनावी घोषणाओं के वादे को पूरा करने के प्रयास में हिमाचल प्रदेश की जनता को महंगाई और भ्रष्‍टाचार दे रही है।

दरअसल, कर्ज में डूबी हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने भारतीय पर्यटकों के लिए वाइल्डलाइफ पार्कों और अभयारण्यों में एंट्री फीस 150 रुपए से बढ़ाकर 300 रुपए कर दी है। इस फैसले से राजनीतिक घमासान मचा है और सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार के वित्तीय प्रबंधन की आलोचना हो रही है।

--आईएएनएस

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