नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने छात्रों के मुद्दों पर संसद में गतिरोध और बिहार में छात्रों पर कथित एके-47 फायरिंग पर कांग्रेस की फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट के नतीजों पर टिप्पणी की।
छात्रों के मुद्दों पर संसद में गतिरोध को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि सत्ता पक्ष चाहे तो संवाद है और न चाहे तो कोई चर्चा नहीं होगी। संसद लोकतंत्र का मंदिर है, चर्चा जरूर करो, लेकिन जिम्मेदारी तय करो।
रागिनी नायक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार की भ्रष्ट शिक्षा प्रणाली विफल रही है। बिके हुए शिक्षा के सिस्टम के खिलाफ युवा उठ खड़ा हुआ है। पहले केंद्र सरकार को इसका आभास नहीं था कि मामला इतना बड़ा हो जाएगा। उन्हें लग रहा था पुलिस प्रशासन और लाठीचार्ज से छात्रों के आंदोलन को कुचल देंगे, लेकिन छात्रों का आंदोलन पूरे देश में फैल रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चली हो तो सरकार के लोग जिम्मेदार हैं। वहीं, बिहार में हुई घटनाओं के लिए सीएम सम्राट चौधरी जिम्मेदार हैं। एके-47 फायरिंग चलने और लाठीचार्ज से तीन छात्र घायल पड़े हैं। पुलिस वालों ने छात्रों को इतना मारा कि किसी का सिर फूटा तो किसी का पैर टूटा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि 15 से 17 साल के बच्चों को हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोपों में ज्यूडीशियल कस्टडी में डाल दिया गया। परिजन बच्चों के भविष्य को लेकर रो रहे हैं। इन सब घटनाओं के लिए जवाबदेही तय होनी बहुत जरूरी है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या दिल्ली में पैलेट गन किसके आदेश पर चलाई गई थी? क्या सिवान में एके-47 चलाने का निर्देश दिल्ली से पुलिस को दिया गया था? या इसका फैसला सीएम ने खुद लिया?
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस तरह के तमाम सवाल हैं, जो पूछे जाने चाहिए। इस बात का गर्व है कि राहुल गांधी ने यह सिद्ध किया कि ये देश पुलिस की लाठी से नहीं, छात्रों की गूंज से चल रहा है।
--आईएएनएस
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