गिरिडीह, 18 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा-209 बटालियन को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई में प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी (एसएसी) के शीर्ष कमांडर और 25 लाख रुपए के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ मोछू उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, अजय महतो के खिलाफ राज्य के विभिन्न जिलों में हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर हमले और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसे 240 से अधिक मामले दर्ज हैं।
गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि 17 जुलाई को खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह ओपी अंतर्गत जंगलों में नक्सली गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ कोबरा-209 बटालियन ने संयुक्त अभियान शुरू किया। तकनीकी जानकारी और मानवीय सूचना के आधार पर ग्राम पिपराडीह के खवासटांड़ टोला स्थित घने जंगलों की घेराबंदी की गई, जहां से अजय महतो को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, अजय महतो वर्ष 2005 से नक्सली संगठन में सक्रिय था। संगठन में वह लेवी वसूली, हथियार और विस्फोटक जुटाने तथा बड़ी हिंसक घटनाओं की योजना बनाने जैसी जिम्मेदारियां निभाता था। वह पारसनाथ, सारंडा और लुगू पहाड़ जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय तक सक्रिय रहा है।
एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि अजय महतो पर पुलिस मुखबिरी के आरोप में लोगों की हत्या, सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला, आईईडी विस्फोट और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसी कई गंभीर घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। उसके खिलाफ गिरिडीह जिले में ही 68 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, चतरा, रामगढ़ और सरायकेला सहित अन्य जिलों में भी उसके खिलाफ कई मुकदमे लंबित हैं।
पुलिस का कहना है कि अजय महतो की गिरफ्तारी से माओवादी संगठन के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। यह कार्रवाई झारखंड को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस और सुरक्षा बलों की ओर से लगातार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है, ताकि हिंसक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
गिरिडीह पुलिस ने नक्सली संगठन से जुड़े लोगों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।