डिब्रूगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 दिसंबर को औद्योगिक शहर नम्रूप के ऐतिहासिक दौरे के लिए मंच तैयार है, जहां वे 11,000 करोड़ रुपए की अमोनिया-यूरिया उर्वरक परियोजना की आधारशिला रखेंगे। शनिवार को गुवाहाटी के नेचर-थीम वाले एयरपोर्ट टर्मिनल के हाई-प्रोफाइल उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री का ऊपरी असम के दिल में यह कदम औद्योगिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा संकेत है। इस समारोह में उनके साथ असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी मौजूद रहेंगे।
यह ऐतिहासिक परियोजना असम वैली फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही है और यह क्षेत्र के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक निवेशों में से एक है। इस उद्यम में असम सरकार की सबसे बड़ी इक्विटी हिस्सेदारी 40 प्रतिशत है। यह महत्वाकांक्षी पहल नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, ऑयल इंडिया लिमिटेड और ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के खिलाड़ियों के सहयोग से की जा रही है।






