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पद्मश्री डॉ. गिरीश भारद्वाज का निधन, सीएम डीके शिवकुमार और उपमुख्यमंत्री ने शोक जताया

पद्मश्री डॉ. गिरीश भारद्वाज का निधन, सीएम डीके शिवकुमार और उपमुख्यमंत्री ने शोक जताया

बेंगलुरु, 7 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की ओर से 'सस्पेंशन ब्रिजों के प्रमुख' के तौर पर मशहूर डॉ. गिरीश भारद्वाज के निधन पर दुख व्यक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री ऑफिस की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शेयर किए गए पोस्ट में लिखा गया, "पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित और 'सस्पेंशन ब्रिजों के प्रमुख' के तौर पर मशहूर डॉ. गिरीश भारद्वाज के निधन की दुखद खबर से गहरा दुख हुआ है। उनके जाने से राज्य ने तकनीकी क्षेत्र में एक असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्ति को खो दिया है।"

'एक्स' पोस्ट में आगे लिखा गया, "गिरीश भारद्वाज ने देश भर में 140 से ज्यादा सस्पेंशन ब्रिज बनाए थे और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों को कनेक्टिविटी देकर लोगों का जीवन आसान बनाया था। उनकी निस्वार्थ तकनीकी सेवा से प्रभावित होकर ग्रामीण उन्हें प्यार से 'सुल्लिय के विश्वेश्वरैया' कहते थे। ईश्वर डॉ. गिरीश भारद्वाज की आत्मा को शांति प्रदान करे। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान उनके परिवार और चाहने वालों को इस दुख को सहने की शक्ति दें।"

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि 'ब्रिज मैन ऑफ इंडिया' के नाम से मशहूर पद्म श्री पुरस्कार विजेता डॉ. गिरीश भारद्वाज के निधन से मुझे गहरा सदमा लगा है। तकनीकी क्षेत्र के इस महान दूरदर्शी का जाना विज्ञान, तकनीक और समाज सेवा के क्षेत्रों के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।

उपमुख्यमंत्री ने आगे लिखा, "ग्रामीण भारत के विकास और कनेक्टिविटी क्रांति में उनका योगदान बेमिसाल रहा है। देश भर में 140 से ज्यादा पुल बनाकर उन्होंने ग्रामीण प्रगति को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई। अपनी सादगी और निस्वार्थ सेवा भाव के कारण 'सुल्लिय के विश्वेश्वरैया' के रूप में लोगों के दिलों में बसे गिरीश जी का जाना बहुत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। मैं प्रार्थना करता हूँ कि उनके परिवार, प्रियजनों और चाहने वालों को इस दुख को सहने की शक्ति मिले।"

डॉ. जी. परमेश्वर ने आगे लिखा, "तकनीकी क्षेत्र के इस महान दूरदर्शी का जाना विज्ञान, तकनीक और समाज सेवा के क्षेत्रों के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ग्रामीण भारत के विकास और कनेक्टिविटी क्रांति में उनका योगदान सचमुच बेमिसाल था। देश भर में 140 से ज्यादा पुल बनाकर उन्होंने लोगों का जीवन बदला और ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत किया।

उपमुख्यमंत्री ने लिखा, "अपनी सादगी और निस्वार्थ सेवा के लिए 'सुल्लिय के विश्वेश्वरैया' के तौर पर याद किए जाने वाले डॉ. भारद्वाज हमेशा लोगों के दिलों में रहेंगे। मैं दिवंगत आत्मा की शांति और उनके परिवार, प्रियजनों व चाहने वालों को इस दुख को सहने की शक्ति मिलने की प्रार्थना करता हूं।"

--आईएएनएस

एसडी/पीएम