पद्म पुरस्कार विजेताओं का संदेश, ‘मेहनत का फल जरूर मिलता है’

पद्म पुरस्कार विजेताओं का संदेश, ‘मेहनत का फल जरूर मिलता है’

नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 23 जून को राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। इस समारोह में कुल 65 लोगों को पद्म पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें तेलंगाना के डॉ. चंद्रमौली गद्दामनुगु और पश्चिम बंगाल के प्रोफेसर डॉ. महेंद्र नाथ रॉय भी शामिल हैं।

शाम 5 बजे शुरू होने वाले इस समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।

नागरिक सम्मान समारोह में राष्ट्रपति दो पद्म विभूषण, सात पद्म भूषण और 56 पद्मश्री सहित कुल 65 पद्म पुरस्कार प्रदान करेंगी।

आईएएनएस से विशेष बातचीत में मृदंग वादक तिरुवारूर भक्तवत्सलम ने पद्मश्री से सम्मानित होने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। यह कला क्षेत्र में एक बहुत प्रतिष्ठित पुरस्कार है। मुझे यह शानदार और प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, पद्म पुरस्कार समिति के सभी सदस्यों और सभी संगीत प्रेमियों को हार्दिक धन्यवाद देता हूं।”

तेलंगाना के डॉ. चंद्रमौली गद्दामनुगु ने पद्मश्री मिलने पर कहा कि तकनीक के क्षेत्र में की गई कड़ी मेहनत का यह फल है। मुझे खुशी है कि इस सम्मान के लिए मुझे चुना गया।

प्रोफेसर डॉ. महेंद्र नाथ रॉय ने पद्म श्री पुरस्कार मिलने पर खुशी जताई। राय भारत में रासायनिक अनुसंधान और शिक्षा के प्रमुख व्यक्तित्वों में से एक हैं। भौतिक रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें व्यापक रूप से पहचाना जाता है।

मशहूर इंडोलॉजिस्ट ल्यूडमिला विक्टोरोवना खोखलोवा को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुझे मेरे एक दोस्त ने बताया कि आपको यह पुरस्कार मिलने वाला है, मैंने विश्वास नहीं किया। मैंने इतना बड़ा काम नहीं किया है। बाद में अंबेसी से पुष्टि हुई कि साहित्य के क्षेत्र में मुझे यह सम्मान मिला है। मैं छात्रों को पढ़ाती हूं और कोशिश करती हूं कि वे मशहूर लेखकों के बारे में और पढ़ सकें।

मुरादाबाद के चिरंजीलाल यादव ने पद्म श्री पुरस्कार मिलने पर कहा, “बहुत खुशी की बात है। राष्ट्रपति के हाथों यह पुरस्कार पाना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं। मैं वर्षों से पीतल के बर्तनों पर नक्काशी का काम कर रहा हूं और कला के क्षेत्र में मुझे यह सम्मान मिला है।

असम की पोखिला लेक्थेपी को कला क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “मुझे ज्यादा कुछ नहीं आता, लेकिन मुझे गाना बहुत पसंद है। मैं खुद गीत लिखती हूं, सुर देती हूं और गाती हूं। बचपन से ही गाना मुझे प्रिय है। मैं हर समय गाने की कोशिश करती हूं। मेरी सलाह है कि हर तरफ से आगे बढ़ने का प्रयास कीजिए, सफलता जरूर मिलेगी।”

--आईएएनएस

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