पति की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में पूर्व टीएमसी सांसद पुलिस के समन पर नहीं हुईं पेश

पति की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में पूर्व टीएमसी सांसद पुलिस के समन पर नहीं हुईं पेश

कोलकाता, 1 जुलाई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार बुधवार को सेरामपुर पुलिस स्टेशन में पुलिस के सामने पेश नहीं हुईं। उन पर आरोप है कि जब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के अधिकारी उनके पति और तृणमूल पार्षद शाकिर अली को गिरफ्तार कर रहे थे, तब उन्होंने पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली थी।

मंगलवार की शाम को पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद (जो दो बार सांसद रह चुकी हैं) के खिलाफ खुद से संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया। आरोप है कि जब एनआईए अधिकारी उनके पति को घर से ले जा रहे थे, तब उन्होंने पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली थी।

पुलिस ने उन्हें बुधवार को संबंधित थाने में पेश होने के लिए कहा था। उन्हें दोपहर 12 बजे पहुंचना था। हालांकि, तय समय बीत जाने के बाद भी पूर्व सांसद थाने में नहीं दिखीं।

इस बीच, उन्हें कोलकाता की सिटी सेशंस कोर्ट में देखा गया, जब उनके पति शाकिर अली को एनआईए की स्पेशल कोर्ट (जिसे बैंकशाल कोर्ट भी कहा जाता है) में पेश किया गया। कोर्ट में पेशी के बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई।

चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के एक अधिकारी ने कहा, "अगर वह थाने में पेश नहीं होती हैं तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।"

अपरूपा पोद्दार की ओर से इस बात पर कोई तुरंत प्रतिक्रिया नहीं आई कि वह सेरामपुर थाने में क्यों नहीं पहुंचीं या कोर्ट में उनके पेश होने का कारण क्या था। उनके वकील ने भी इस मामले पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की।

मंगलवार को, हुगली जिले की रिशरा नगर पालिका के तृणमूल कांग्रेस पार्षद और अपरूपा पोद्दार के पति शाकिर अली को एनआईए ने 2023 के रामनवमी हिंसा मामले में गिरफ्तार किया था।

मंगलवार की शाम को, ड्यूटी पर मौजूद सरकारी अधिकारियों के साथ बदसलूकी करने और उनके काम में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने अपरूपा के खिलाफ खुद से संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया।

दरअसल, शाकिर की गिरफ्तारी के बाद जब एनआईए और केंद्रीय बल उन्हें गाड़ी में ले जा रहे थे तो सड़क पर अपरूपा की एक महिला पुलिस अधिकारी से बहस हो गई। पुलिस अधिकारी पूर्व सांसद से कुछ कह रही थीं, लेकिन अपरूपा ने उनका हाथ झटक दिया।

यह साफ नहीं है कि अपरूपा पर यह आरोप सिर्फ उसी घटना के कारण लगाया गया या मंगलवार को करीब साढ़े चार घंटे तक चली एनआईए की छापेमारी के दौरान हुई किसी और घटना के सिलसिले में।

--आईएएनएस

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