पश्चिम बंगाल: अभिषेक बनर्जी ने मंत्री अग्निमित्रा पॉल को भेजा कानूनी नोटिस

पश्चिम बंगाल: अभिषेक बनर्जी ने मंत्री अग्निमित्रा पॉल को भेजा कानूनी नोटिस

कोलकाता, 10 अगस्त (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की नगर विकास एवं शहरी मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल को कानूनी नोटिस भेजा। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि मंत्री ने अभिषेक बनर्जी और उनके निजी सहायक सुमित रॉय को लेकर मीडिया में तथ्यहीन और अनुचित बयान दिए हैं।

नोटिस के अनुसार, अग्निमित्रा पॉल ने कथित तौर पर कहा था कि अभिषेक बनर्जी द्वारा सुमित रॉय को बचाने की कोशिशें उनके विदेश जाकर इलाज कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने से जुड़ी हुई हैं।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की एक खंडपीठ ने सोमवार को अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दी। इसी दौरान, लंबे समय से फरार चल रहे उनके निजी सहायक सुमित रॉय लगातार तीसरे दिन पश्चिम बंगाल पुलिस की अपराध जांच विभाग के कार्यालय में पूछताछ के लिए पहुंचे। सुमित रॉय के खिलाफ कथित अवैध भूमि कब्जा मामले में एफआईआर दर्ज है।

अभिषेक बनर्जी की ओर से उनके वकील अर्क कुमार नाग द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस में मंत्री पर यह आरोप भी लगाया गया है कि उन्होंने गलत तरीके से यह दावा किया कि अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि सुमित रॉय की मौत हो गई है।

नोटिस में कहा गया है, "मेरे मुवक्किल यह स्पष्ट करते हैं कि उन्होंने कभी भी ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि आपने सार्वजनिक रूप से उनके नाम से जोड़ा है। उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि सुमित रॉय की मृत्यु हो गई है, और न ही उन्होंने ऐसा कोई बयान दिया है जिससे यह संकेत मिलता हो कि सुमित रॉय और उनके विदेश में चिकित्सा उपचार के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने के बीच कोई संबंध है।"

नोटिस में मंत्री से मांग की गई है कि वे अपने बयान को वापस लें और सार्वजनिक रूप से स्पष्ट तथा बिना किसी अस्पष्टता के सही तथ्य सामने रखें। साथ ही यह भी स्पष्ट करें कि अभिषेक बनर्जी ने कभी यह नहीं कहा कि सुमित रॉय की मौत हो गई है।

नोटिस में कहा गया है कि यह स्पष्टीकरण उसी सार्वजनिक मंच पर जारी किया जाना चाहिए, जहां 9 अगस्त 2026 को संबंधित बयान दिया गया था, ताकि सही तथ्य लोगों तक पहुंच सके और गलत जानकारी का सार्वजनिक रूप से सुधार हो सके।

इसके अलावा, नोटिस में मंत्री को सलाह दी गई है कि भविष्य में उनके बारे में कोई भी जानकारी सार्वजनिक करने से पहले उसकी पूरी तरह पुष्टि कर ली जाए। नोटिस में कहा गया कि मंत्री को सही और सत्यापित जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें गलत सूचना के आधार पर सार्वजनिक रूप से आलोचना या उपहास का सामना न करना पड़े।

फिलहाल, इस मामले पर मंत्री अग्निमित्रा पॉल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

--आईएएनएस

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