गोरखपुर, 12 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 35 करोड़ पौधरोपण महाअभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने तेज औद्योगिक और आधारभूत ढांचा विकास के साथ-साथ वनाच्छादन बढ़ाने का भी उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो विकास और प्रकृति के बीच संतुलन का मॉडल है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में मौलश्री का पौधा लगाकर 'एक पेड़ मां के नाम' वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि धरती हमारी माता है और प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह उसके संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। उन्होंने वैदिक मंत्र 'माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः' का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वृक्षारोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाया है और इसी सोच के साथ 'एक पेड़ मां के नाम' जैसी प्रेरक थीम दी गई।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, उद्योग, रेलवे और शहरीकरण के क्षेत्र में रिकॉर्ड कार्य हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश ने अपने वनाच्छादन का लगातार विस्तार किया है। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है और इस वर्ष 12 जुलाई को एक ही दिन 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उपग्रह सर्वेक्षण और विभिन्न संस्थाओं के आकलन से यह स्पष्ट हुआ है कि उत्तर प्रदेश का वन क्षेत्र बढ़ा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लगाए गए पौधों के कारण लगभग 4.30 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण का अनुमान लगाया गया, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। कई शहर गैस चैंबर जैसी स्थिति झेल रहे हैं और समुद्र का बढ़ता जलस्तर भविष्य के लिए गंभीर खतरे का संकेत दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति प्रकृति के साथ अंधाधुंध छेड़छाड़, पेड़ों की कटाई, जल संरक्षण की उपेक्षा और तालाबों पर अवैध कब्जों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने कई स्तरों पर काम किया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों परिवारों, जिनमें अकेले उत्तर प्रदेश के दो करोड़ परिवार शामिल हैं, को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए। इससे माताओं और बहनों को धुएं से मुक्ति मिली तथा श्वसन संबंधी बीमारियों के खतरे में कमी आई। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे वृक्षारोपण को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानें, बल्कि पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सके।