मुंबई, 30 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता नसीम खान ने कोयला घोटाले मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को क्लीन चिट दिए जाने पर कहा कि भाजपा ने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की। देश जानता है कि वे एक ईमानदार नेता थे। उनके विजन की वजह से भारत मजबूत हुआ।
मुंबई में कांग्रेस नेता नसीम खान ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने और मीडिया के कुछ लोगों ने जो ट्रायल चलाया था, उस वक्त मीडिया ट्रायल हुआ था। डॉ. मनमोहन सिंह की अच्छी सरकार पर, चाहे कोल स्कैम का आरोप रहा हो, चाहे 2जी स्कैम का आरोप रहा हो, सारे स्कैम फर्जी साबित हुए हैं। अब तो सीधे-सीधे फैसला आ गया है तो दूध का दूध, पानी का पानी हो गया है। जिस तरह से भाजपा देश में प्रोपेगेंडा करके गांधी परिवार, कांग्रेस पार्टी को झूठे आरोप लगाकर बदनाम करती रहती है, तो आपने देखा कि क्या हुआ। इसी तरह से मनमोहन सिंह की सरकार को भी उस समय बदनाम किया गया था, जबकि मनमोहन सिंह ईमानदार छवि के नेता थे।
एंटी पेपर लीक बिल को लेकर उन्होंने कहा कि नकल और पेपर लीक के ऊपर पहले भी कानून था। अब फिर उसी कानून की धाराओं को बढ़ा दिया गया है। पेनाल्टी बढ़ा दी गई है, सजा बढ़ा दी गई है, इतना ही किया गया है। सवाल यह है कि पेपर लीक रुकना चाहिए। पेपर लीक कैसे होता है? प्रशासन क्या करता है? सरकार क्या करती है? सवाल यही है। सवाल कानून बना देने से, सजा बढ़ा देने से, मसले का हल नहीं होगा। पेपर लीक बंद होना चाहिए। देश के युवा विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर भाजपा सांसद कंगना रनौत के बयान पर नसीम खान ने कहा कि कंगना रनौत कोई नेता नहीं है। वे खबरों में बने रहने के लिए इस तरह के अनाप-शनाप बोलती हैं। जेन-जी इस देश के युवा, विद्यार्थी हैं।
उन्होंने कहा कि जनता और युवाओं ने कंगना रनौत का बयान सुना है। आने वाले चुनावों में इनको सबक सिखाएंगे।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि लोकसभा में राहुल गांधी नेता विपक्ष हैं, उन्हें बोलने से नहीं रोक सकते हैं, वे जो मुद्दे उठा रहे हैं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को जवाब देना चाहिए।
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