जम्मू, 17 अगस्त (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस से पहले कथित आईएसआई-समर्थित शहजाद भट्टी के टेरर नेटवर्क को खत्म करने और 200 से ज्यादा ऑपरेटिव्स की गिरफ्तारी के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पोस्ट पर रक्षा विशेषज्ञ रिटायर्ड कैप्टन अनिल गौर ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत की।
रक्षा विशेषज्ञ अनिल गौर ने कहा, "पाकिस्तान हर साल 15 अगस्त से पहले किसी न किसी तरह का आतंकी हमला करने की कोशिश करता है। पहले, यह कश्मीर घाटी में होता था, लेकिन अब वे कश्मीर घाटी में ऐसा नहीं कर सके। हालांकि, उन्होंने निश्चित रूप से कोशिश जरूर की।"
उन्होंने आगे कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, एक अनजान हत्या हुई थी। हमारा एक पुलिसवाला मारा गया था। उसके बाद, दो मजदूर मारे गए। यह उनकी योजना थी। एनआईए की जांच में पूरी छानबीन करके एक एक करी जोड़ी और 14 राज्यों में से 203 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मुझे उन पर बहुत गर्व है। उन्होंने जांच पूरी की। ये सारे के सारे तहरीक-ए-तालिबान हिन्दुस्तान (टीटीपी) और गजवा-ए-हिंद के अंदर काम करते हैं।"
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी समस्या है कि कश्मीर तो पाकिस्तान नहीं बना, लेकिन अब वो खुद इस कगार पर आ गया है कि उसका नामोनिशान मिटने वाला है और ये काम कोई और नहीं करने वाला है, उनके अंदर के लोग ही उसे मिटाने में लगे हैं।
रक्षा विशेषज्ञ ने कहा कि बलूचिस्तान ने 11 अगस्त को अपनी आजादी की घोषणा कर दी। पीओके के लोग कह रहे हैं कि हम हिन्दुस्तान के साथ मिलना चाहते हैं, हम उनके साथ नहीं रहना चाहते हैं। खैबर पख्तूनख्वा, पेशावर, इमरान खान के समर्थक, सभी उनके खिलाफ हैं। पाकिस्तान टूटने की कगार पर है।
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आईएसआई इस फिराक में है कि हम किसी तरह से हिन्दुस्तान में कुछ ऐसा कांड करें, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो पाकिस्तान की आलोचना हो रही है, वो पूरा ध्यान भारत पर शिफ्ट हो जाए। ये नहीं होने वाला है।
डिफेंस एक्सपर्ट ने आगे कहा, "एक समय था जब जम्मू-कश्मीर के लाल चौक के घंटाघर पर तिरंगा फहराने से लोग डरते थे, लेकिन आज समय बदल गया और अब लोग वहां पर भारत के झंडे फहरा रहे हैं।"
--आईएएनएस
केके/डीकेपी







