नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब में सरकारी नौकरियों, भर्ती के दावों और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना की है। चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायकों और पंजाब कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की उपनेता अरुणा चौधरी ने सरकार से नौकरियों के दावों पर श्वेत पत्र (व्हाइट पेपर) जारी करने की मांग की। साथ ही उन्होंने भर्ती प्रक्रिया, सेवानिवृत्ति के बाद हुई नियुक्तियों और पेपर लीक के मामलों पर सरकार को घेरा।
कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि पार्टी पंजाब के लोगों के हितों के लिए विरोध प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केवल आंकड़ों की राजनीति कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है। सरकार 68 हजार नई नौकरियां देने का दावा कर रही है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि इनमें वास्तव में कितनी नई नियुक्तियां हैं और कितनी रिक्त पदों को सेवानिवृत्ति या कर्मचारियों की मृत्यु के बाद भरा गया है। उन्होंने कहा कि इन सभी तथ्यों की जानकारी तभी सामने आएगी, जब सरकार इस संबंध में विस्तृत श्वेत पत्र जारी करेगी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना पसंदीदा भाजपा नेता बताए जाने के सवाल पर राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह उनके भी पसंदीदा नेता हैं और वह उनका सम्मान करते हैं। जब कैप्टन अमरिंदर सिंह बीमारी और सर्जरी के बाद लौटे थे, तब राहुल गांधी ने उनका हालचाल पूछा था, जबकि भाजपा ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने भाजपा पर यूज एंड थ्रो की राजनीति करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने भी सरकार के रोजगार संबंधी दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर साल लगभग 10 से 12 हजार सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं। कांग्रेस पिछले पांच वर्षों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सूची उपलब्ध करा सकती है, लेकिन सरकार से बार-बार मांगने के बावजूद भर्ती की पूरी सूची उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि किन पदों पर कितनी नियुक्तियां हुईं और कितनी नई भर्तियां वास्तव में की गईं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में न तो पंजाब के लिए काम करने की क्षमता है और न ही इच्छाशक्ति। इसलिए सरकार को श्वेत पत्र जारी कर तथ्यों को सार्वजनिक करना चाहिए।
पंजाब कांग्रेस विधायक दल की उपनेता अरुणा चौधरी ने परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और नकल को अलग-अलग बताने की कोशिश की जा रही है, जबकि यदि ब्लूटूथ या अन्य माध्यमों से परीक्षा का प्रश्नपत्र बाहर से अंदर पहुंचता है तो यह स्पष्ट रूप से पेपर लीक का मामला है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों तक ब्लूटूथ के जरिए उत्तर या प्रश्न पहुंच रहे हैं तो इसका अर्थ है कि परीक्षा सामग्री पहले ही बाहर आ चुकी थी।
अरुणा चौधरी ने सरकार से रोजगार के दावों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग दोहराते हुए कहा कि यदि सरकार 65 से 68 हजार नौकरियां देने का दावा कर रही है तो उसे प्रत्येक नियुक्ति का विवरण सार्वजनिक करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जानना चाहती है कि किस उम्मीदवार को किस पद पर नियुक्ति मिली, वह किस जिले का निवासी है और नियुक्तियों का पूरा रिकॉर्ड क्या है।
कांग्रेस विधायकों ने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को जल्द से जल्द विस्तृत श्वेत पत्र जारी करना चाहिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया और रोजगार संबंधी दावों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके।