धुरी, 1 जुलाई (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को लगभग 40 लाख वयस्क महिलाओं के लिए 9,300 करोड़ रुपए के बजट से मासिक 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' शुरू की।
योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में तीन महीने की सत्कार राशि सीधे हस्तांतरित करने की घोषणा की। 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला को 3,000 रुपए और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 4,500 रुपये मिलेंगे, जिससे उन्हें गरिमा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने में मदद मिलेगी।
उद्घाटन समारोह के दौरान ही लाभार्थियों को भुगतान मिलना शुरू हो गया, महिलाओं को उनके मोबाइल फोन पर एसएमएस पुष्टिकरण प्राप्त हुए।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने इस दिन को ऐतिहासिक बताया और कहा कि सरकार ने यह महत्वपूर्ण पहल शुरू की है जिसके तहत 40 लाख से अधिक महिलाएं पहले ही पंजीकृत हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि सत्कार राशि योजना जुलाई से शुरू हो गई है और इससे महिला सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह एक महत्वाकांक्षी योजना है और सरकार ने इसे स्थायी रूप से जारी रखने के लिए पूरी योजना के साथ शुरू किया है।
योजना के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला लाभार्थियों को मोबाइल नोटिफिकेशन के माध्यम से सूचित किया जाएगा कि प्रत्येक महिला को 1,000 रुपए और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि धनराशि सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी और जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना के तहत पात्र होंगी।
उन्होंने बताया कि पंजाब में लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
इस पहल के व्यापक सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही यह वित्तीय सहायता महिलाओं को धनी न बनाए, लेकिन इससे उन्हें निश्चित रूप से गरिमा और आत्मसम्मान प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि महिलाएं सर्वोच्च सम्मान की पात्र हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों का आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती का सामना करने में सहायक होता है। उन्होंने आगे कहा कि घरेलू कल्याण में सुधार, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक एवं आर्थिक निर्णय लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना आवश्यक है।
इस योजना के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब की महिलाओं के भाई, पुत्र और भतीजे के रूप में, उन्होंने प्रत्येक लाभार्थी को आश्वस्त किया कि यह योजना कभी बंद नहीं होगी क्योंकि यह जनता पर रखे गए भरोसे का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के मोबाइल फोन सूचनाओं से बजने लगेंगे, जो समृद्धि के एक नए युग का द्वार खोलेंगे, जहां महिलाएं गरिमा और गौरव के साथ जीवन व्यतीत करेंगी। यह महिलाओं के प्रति सरकार के सम्मान को दर्शाता है, और राज्य सरकार इस नेक कार्य को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
--आईएएनएस
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