चंडीगढ़, 13 जून (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार को लुटेरों का गिरोह कहा और दावा किया कि उसका कार्यकाल खत्म होने वाला है।
अबोहर नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जबरदस्त जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह नतीजा पंजाब में आ रहे राजनीतिक बदलाव का साफ संकेत है और भरोसा जताया कि राज्य में अगली सरकार भाजपा ही बनाएगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब को ड्रग्स की समस्या से बहुत नुकसान हुआ है और उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में भाजपा सरकार के आते ही ड्रग्स के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और न ही उन्हें काम करने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सैनी पंजाब के अबोहर शहर में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
पंजाब की बहादुर और देशभक्तिपूर्ण विरासत को नमन करते हुए सीएम सैनी ने राष्ट्र-निर्माण में राज्य के किसानों, व्यापारियों, युवाओं और माताओं के योगदान की तारीफ की।
उन्होंने राज्य सरकार के 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान की कड़ी आलोचना की और इसे पूरी तरह से नाकाम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार जमीनी स्तर पर नतीजे देने के बजाय नारों और प्रचार में ज्यादा दिलचस्पी रखती है।
पंजाब सरकार पर कई मोर्चों पर निशाना साधते हुए सीएम सैनी ने कहा कि महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए देने का वादा सिर्फ एक राजनीतिक हथकंडा साबित हुआ है, क्योंकि इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है।
उन्होंने सरकार पर अबोहर के साथ खुली राजनीतिक अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि नगर निगम को सिर्फ 5 करोड़ रुपए देना शहर के लोगों का अपमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप को यह एहसास हो चुका है कि अगले विधानसभा चुनाव के बाद वह सत्ता में नहीं लौटेगी, इसलिए कुछ लोग पंजाब को दोनों हाथों से लूटने में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने सिर्फ एक साल में हरियाणा के युवाओं को 55,000 नौकरियां दी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया है, जिसे उन्होंने एक ऐतिहासिक कदम बताया, जिससे ओबीसी समुदाय के अधिकारों और संस्थागत स्थिति को मजबूती मिली है।
उन्होंने मेडिकल और उच्च शिक्षा में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का भी जिक्र किया और कहा कि इस फैसले से शिक्षा के मौके काफी बढ़े हैं। नतीजतन, देश भर की यूनिवर्सिटीज, इंजीनियरिंग संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों में ओबीसी छात्रों की संख्या लगातार बढ़ती रही।
--आईएएनएस
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