लखनऊ, 23 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने रेहड़ी-पटरी और छोटे स्वरोजगारियों को आर्थिक मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत जून माह में विशेष अभियान शुरू किया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे इस अभियान की निगरानी मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) करेंगे।
सरकार का लक्ष्य ‘सेंसस टाउन रिपोर्ट’ के आधार पर पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजना का लाभ दिलाना है, ताकि अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को आसान ऋण और सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान शुरू किया है। एक जून से 30 जून तक चलने वाले इस अभियान के जरिए राज्य सरकार का फोकस रेहड़ी-पटरी, ठेला और छोटे स्वरोजगार से जुड़े पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर है।
अभियान की निगरानी मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) करेंगे और जिलेवार तय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने सभी संबंधित जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पत्र में कहा गया है कि ‘सेंसस टाउन रिपोर्ट’ तथा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर लाभार्थियों की पहचान कर निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरे किए जाएं। इसके लिए सीडीओ अपने-अपने जिलों के खंड विकास अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देंगे और अभियान की नियमित समीक्षा करेंगे।
राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) की अपेक्षाओं के अनुरूप चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य ऐसे सभी पात्र रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को चिन्हित करना है, जो अभी तक योजना के लाभ से वंचित हैं।
अधिकारियों को लाभार्थियों से समन्वय स्थापित कर आवेदन और स्वीकृति प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभियान की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय को भेजी जाएगी, ताकि क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही न हो।
अभियान के तहत आगरा, अलीगढ़, अमेठी, आजमगढ़, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, मेरठ, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, सहारनपुर, वाराणसी, सीतापुर और सुल्तानपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान के जरिए जून के अंत तक हजारों नए स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे कारोबारियों को पीएम स्वनिधि योजना से जोड़ने में सफलता मिलेगी। इससे न केवल उन्हें आसान ऋण सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि उनके व्यवसाय को स्थायित्व और विस्तार देने में भी मदद मिलेगी।
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