Advertisement banner

'पीएम मोदी देश के सच्चे शासक और उपासक', जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने दी जन्मदिन की बधाई

'पीएम मोदी देश के सच्चे शासक और उपासक', जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि की प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई
पीएम मोदी देश के सच्चे शासक और उपासक

हरिद्वार, 17 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा, "प्रधानमंत्री इस देश के सच्चे प्रशासक, शासक और उपासक हैं। उनमें ये सारे सद्गुण अत्यंत जीवंत और जाग्रत हैं। उनमें आध्यात्मिक आभा मुखर है। उनमें एक सत्पुरुष अत्यंत प्रखर रूप से जीवंत होकर हर पल अभिव्यक्त होता है। जहां उन्होंने विकास की गाथा लिखी है, जहां लोकल फॉर वोकल की बात कही, कोरोना जैसे काल में देश को संभालकर रखा और जब युद्ध हुए या हो रहे हैं पूरे संसार में, ऐसे समय में हमारे यहां आर्थिक स्थिरता है और आर्थिक प्रगति चरम पर है। भारत दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है और आने वाले दिनों में तीसरा स्थान हासिल करेगा।

स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा, "चाहे सेमीकंडक्टर की बात हो, चिप की बात हो, टेक्नोलॉजी की, नवाचार की, नव-उद्योग की बात हो, प्रौद्योगिकी की बात हो अथवा तो जड़ी-बूटी और यहां तक की औषधियों की बात हो, पूरे संसार में भारत आगे है। उनका सत्संकल्प देखिए कि वे योग को पूरे संसार में लेकर गए और विश्व योग दिवस को संयुक्त राष्ट्र संघ में स्वीकृत कराया। मैं पिछले तीन साल पहले अमेरिका में वहां मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित था, 144 देशों के साधकों ने एक साथ योग किया टाइम्स स्क्वायर पर। यह उनका ही संकल्प था। उनके संकल्प से सैन्य संपदा और सामरिक शक्तियां बढ़ी हैं। हमारी ताकत बढ़ी है।

उन्होंने कहा, "हम भारत को न केवल बढ़ते हुए देख रहे हैं, उसका वर्चस्व, उसका प्रभुत्व और हमारे प्रधानमंत्री के नेतृत्व पूरे विश्व ने स्वीकार किया है। हाल में ब्रिक्स समिट हुई हो या उससे पहले जी20 रहा हो या उनकी यात्राएं, जो भी उन्होंने किया है वह अप्रतिम है, अत्यंत चकित कर देने वाला है। वह अब तक के सर्वाधिक विदेश यात्रा करने वाले प्रधानमंत्री सिद्ध हुए हैं। एक ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में जिन्हें अजातशत्रु कहा जाता है, जिन्हें एक संवेदनशील प्रधानमंत्री कहा जाता है। तो मैं ऐसे प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर बहुत-बहुत बधाई देता हूं। वह राष्ट्र की संपदा हैं। उनमें ऋषि हैं, उनमें एक सत्पुरुष चैतन्य है और उनमें एक अलग प्रकार की दिव्य आभा भी है।

जूना पीठाधीश्वर ने कहा, "हमारे देश भर में जितने भी केंद्र हैं, वहां हम एक तरह से दीपावली मना रहे हैं। हमारे आश्रमों के कोने-कोने में हम दीप जलाएंगे। हम एक प्रकार से प्रकाशोत्सव मना रहे हैं। हमारे सभी आश्रमों में, सभी स्थानों पर हम दीपमालिका करेंगे, दीप जलाएंगे। हमारे यहां आध्यात्मिक अनुष्ठान होंगे। हम उनके जन्मदिवस पर यहां रुद्राभिषेक करेंगे, यहां अन्नदान करेंगे, औषधि दान करेंगे, चिकित्सा के शिविर लगाएंगे। और हम वह दीर्घजीवी रहें, वह स्वस्थ रहें और ऐसे ही लंबे समय तक, लंबे काल तक इस देश का नेतृत्व करते रहें, उसके लिए हम भगवान से प्रार्थना भी करेंगे। और हम सब बहुत उत्साहित हैं, उल्लसित हैं, आनंदित हैं कि उनका कल जन्मदिन है। और उनके जन्मदिन पर हमारे लगभग सभी आश्रमों में एक व्यापक तैयारियां चल रही हैं।"

स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा, "मैं अपने देश के शासक और एक अद्भुत प्रशासक और एक सच्चे उपासक प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देता हूं। वह राष्ट्र की निधि हैं, वह हम सबके एक प्रकार से एक ऐसे मान्य पुरुष हैं कि सबके अंतःकरण पर वह शासन करते हैं। उनके पास जो चरित्र की उच्चता है, आचरण की पारदर्शिता है, चिंतन की शुद्धता है, जो उनके जीवन में एक अलग प्रकार का एक व्यक्तित्व है, वह इस प्रकार से सदा लंबे समय तक रहें, वह चिरंजीवी रहें, ऐसी भगवान से प्रार्थना करता हूं।

स्वामी अवधेशानंद गिरि ने संस्कृत श्लोक, "सुदिनम् सुदिनम् तव जन्मदिनम्। भवतु मंगलम् तव जन्मदिनम्। यशस्वी भव सर्वत्र सदा, जयतु मंगलम् तव जन्मदिनम्।" के माध्यम से भी पीएम को बधाई दी।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम