लखनऊ, 17 जून (आईएएनएस)। प्रयागराज में एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों की नृशंस हत्या की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि जिस घटना से पूरा प्रदेश स्तब्ध है, उस पर भी अखिलेश यादव की चुप्पी बताती है कि उनके लिए अपराध और अपराधी की पहचान राजनीति से तय होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का पीडीए अब ‘केडीए’ में बदल चुका है।
सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा है कि ए भाई अखिलेश यादवजी, प्रयागराज की इतनी निर्मम घटना सुनकर सच में दिल दहल गया हमारा। बहुत देर तक दिमाग सन्न रह गया, समझ ही नहीं आ रहा था कि कैसे खुद को संभालूं...हमारे लिए ये अपार कष्ट तो था ही, खून भी खौल रहा था...एक ही ओबीसी (तेली) परिवार के तीन बुजुर्गो को दौड़ा-दौड़ा के काटते वक्त हाथ भी नहीं कांपे होंगे क्या हत्यारे के। मरने वाले अमरावती देवी और श्यामलाल 65 साल के थे जबकि इंद्रावती 62 साल की थीं। क्या उनका बस यही दोष था कि वे अपने घर की लाडली की शादी एक लफंगे से नहीं करना चाहते थे।
अखिलेश बाबू, कोई इतना राक्षसी विचार का कैसे हो जाता है? आरोपी आपका अपना स्वजातीय, आपका अपना 'मजनू' कार्यकर्ता है न! आपने अपने यादवों को क्या बना दिया है? वैसे...खुद भी कभी बुजुर्गों को सम्मान नहीं दिये तो आपके कातिल लोडर क्या देंगे। उन्होंने कहा कि खैर अब यूपी पुलिस खोज रही है...पुचकार मनी लेकर अपने छाती कूटने वाले दलालों को तैयार कर लीजिएगा..थोड़ी तो शर्म करिए अखिलेशजी... कभी तो मुंह खोल दिया करो आप...क्या यहां भी ''पहिला दावा अहिर'' ही करोगे आप.?
ओमप्रकाश राजभर ने चुटकी लेते हुए कहा कि ट्विटर, एसी और पीसी से 'झूठ की दुकान' चलाने वाले अखिलेश यादवजी कम से कम संवेदना ही जाहिर कर देते? या यही लिख देते कि हत्यारा कोई भी हो, कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लिख लो, आप कभी नहीं कह पाओगे। राजभर ने आरोप लगाते हुए कहा कि आपको शर्म से गड़ जाना चाहिए कि आपका पीडीए यानी 'पीट देगा अहीर', 'पीट देगा अल्पसंख्यक' (सपाई) अब केडीए बन गया है, यानी 'काट देगा अहीर'।
उन्होंने लिखा कि अखिलेशजी आपके केडीए की एक और खतरनाक पोल खोल रहा हूं। पढ़िए---यूपी पुलिस की जनवरी से अप्रैल 2026 की रिपोर्ट में दलितों, शोषितों के खिलाफ अपराध के मामले में सबसे ज्यादा 2,160 यादव और 1,983 मुस्लिम शामिल हैं। रिपोर्ट अब तक तो आपके पास भी पहुंच ही गई होगी। कल जोनवार और कमिश्नरेटवार आंकड़े जारी करूंगा। पढ़ लीजिएगा।