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ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर निशाना, बोले- कांग्रेस से हमारी सीधी लड़ाई, यूपी में अखिलेश कहीं नहीं हैं

ओपी

वाराणसी, 27 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आगामी 2027 के यूपी चुनाव और नेपाल त्रासदी पर प्रतिक्रिया दी है।

जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को 30 वर्ष के लिए लीज पर देने पर ओम प्रकाश राजभर ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "जमीन खाली पड़ी थी, उद्योगपति को फैक्ट्री लगाने के लिए 30 वर्ष के लिए दी गई है। इससे लाखों नौजवानों को रोजगार मिलेगा। वह अखिलेश यादव की नहीं, सरकार की संपत्ति है।

अखिलेश यादव की ओर से किए जा रहे वादे पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "न तो वे मुख्यमंत्री बन पाएंगे और न ही ये सब कर पाएंगे। अभी प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की ओर से किया जा रहा है। महिलाओं के लिए तीन दिन फ्री में बस यात्रा की घोषणा की गई है। 60 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिलाओं के लिए आजीवन बस की सेवा नि:शुल्क हो गई है। महिलाओं के लिए अनवरत काम किया जा रहा है।"

उन्होंने आगे कहा, "बेटियों की शिक्षा के लिए सरकार की ओर से व्यवस्था की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से तो कहा जा रहा है कि हम 'लखपति दीदी' बनाएंगे और काम चल रहा है। बंगाल, बिहार, एमपी, महाराष्ट्र, राजस्थान या चाहे हरियाणा हो महिलाओं के बैंक खाते में पैसा भेजकर रोजगार का अवसर दिया जा रहा है।"

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, "उनको महिलाओं की नहीं, बल्कि पुरुषों के लिए आंदोलन करना चाहिए।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा में जमीन-आसमान का फर्क है। कांग्रेस दिल्ली से बोलेगी तो पूरा देश सुनेगा और ये यूपी से बोलेंगे तो केवल प्रदेश में सुनाई देगा। चुनाव में सपा कहीं नहीं है। हमारी सीधी लड़ाई कांग्रेस से है।"

ओम प्रकाश राजभर की ओर से कहा गया, "नौ लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जो बच्चा मेहनत से पढ़ेगा उसको नौकरी मिलेगी।"

मछली विवाद को लेकर उन्होंने कहा, "हमने तो उन्हीं (अजय राय) का बयान सुना है। उन्होंने कहा कि वे गए थे। निषादों की ओर से आयोजित 'मछली-भात' का कार्यक्रम था। जो मांस-मछली न खाता हो और वह सावन के महीने में अगर 'मछली-भात' के भोज में जाए तो चर्चा का बिंदु तो बनेगा ही।

नेपाल त्रासदी पर अजय राय ने कहा, "यह दैवीय आपदा है, इससे निपटने के लिए सरकार की ओर से कोशिश की जाती रही है। ऐसी स्थिति में भारत की ओर से भी नेपाल को मदद की जाएगी। पड़ोसी देश होने की वजह से पूरी ताकत के साथ मदद की जाएगी।"

--आईएएनएस

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