नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक यूनिट ने बुधवार को सोशल मीडिया पर घूम रहे एक लेटर को फर्जी बताया। इस पत्र में दावा किया गया था कि इसे रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' की तैयारियों के बारे में जारी किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट एक पोस्ट में, पीआईबी फैक्ट चेक ने लोगों को गलत जानकारी पर भरोसा न करने की सलाह दी और साफ किया कि न तो रक्षा सचिव और न ही रक्षा मंत्रालय ने ऐसा कोई लेटर जारी किया है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने अपनी पोस्ट में कहा, "फर्जी खबरों पर भरोसा न करें!"
फैक्ट-चेकिंग यूनिट ने बताया कि रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के नाम से कथित तौर पर जारी एक लेटर ऑनलाइन तेजी से फैल रहा था, जिसमें "ऑपरेशन सिंदूर 2.0" की तैयारियों का जिक्र था। पोस्ट में कहा गया, "यह लेटर फर्जी है। न तो रक्षा सचिव और न ही रक्षा मंत्रालय ने ऐसा कोई लेटर जारी किया है।"
पीआईबी फैक्ट चेक ने उस कथित डॉक्यूमेंट की एक तस्वीर भी शेयर की, जिसका टाइटल था, "विषय: ऑपरेशन सिंदूर 2.0; प्रधानमंत्री का निर्देश, रणनीतिक उद्देश्य।" एजेंसी ने साफ किया कि डॉक्यूमेंट मनगढ़ंत था और इसका रक्षा मंत्रालय या सरकार के किसी आधिकारिक कम्युनिकेशन से कोई लेना-देना नहीं था।
नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए, फैक्ट-चेकिंग यूनिट ने लोगों को सलाह दी कि वे सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर करने से पहले आधिकारिक चैनलों के जरिए उसकी पुष्टि करें।
पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा, "ऑनलाइन फैल रही फर्जी खबरों से सावधान रहें और हमेशा सही जानकारी के लिए भरोसेमंद आधिकारिक स्रोतों पर निर्भर रहें।" साथ ही कहा, "भारत सरकार से जुड़ी संदिग्ध जानकारी की रिपोर्ट पीआईबी फैक्ट चेक पर करें।"
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब सरकारी एजेंसियां गलत जानकारी का मुकाबला करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बिना पुष्टि वाले दावों को फैलने से रोकने की लगातार कोशिश कर रही हैं।
इससे पहले, पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक और दावे को गलत बताया था। उस दावे में कहा गया था कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल जजों के साथ लंदन जा रहे हैं और वहां बैडमिंटन इवेंट में हिस्सा ले रहे हैं।
--आईएएनएस
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