नोएडा: गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रही है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में पुलिस मुख्यालय द्वारा विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित ‘यक्ष ऐप’ को प्रभावी तरीके से लागू किया गया है।
इस एप्लीकेशन के माध्यम से अपराधियों, गैंग, हिस्ट्रीशीटरों और बीट से जुड़ी अहम जानकारियों का डिजिटल संकलन और अपडेट तेजी से किया जा रहा है। कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले तीनों जोन- नोएडा जोन, सेंट्रल नोएडा जोन और ग्रेटर नोएडा जोन- इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने में जुटे हुए हैं। इसके चलते अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी पहले से अधिक मजबूत और व्यवस्थित हो गई है।
पुलिस द्वारा ‘यक्ष ऐप’ के माध्यम से पूरे जिले के गांव और मोहल्लों की मैपिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है। कमिश्नरेट क्षेत्र में कुल 2009 ग्राम और मोहल्लों की डिजिटल मैपिंग की गई है। इस मैपिंग से प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक और प्रशासनिक जानकारी अब डिजिटल रूप में उपलब्ध हो गई है। इससे बीट पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने, अपराध नियंत्रण में तेजी लाने और आपातकालीन स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता पहुंचाने में काफी मदद मिलेगी।
इसके अलावा, जिले के सभी थानों की 822 बीटों में जनसंख्या संबंधी विवरण का शत-प्रतिशत पंजीकरण भी पूरा कर लिया गया है। जनसंख्या से जुड़ा यह डेटा पुलिस को क्षेत्रवार सुरक्षा व्यवस्था और संसाधनों की बेहतर योजना बनाने में मदद करेगा। ‘यक्ष ऐप’ पर अब तक जिले के विभिन्न थानों से जुड़े 20,537 अपराधियों का विवरण दर्ज किया जा चुका है, जिनमें से 19,931 अपराधियों का सत्यापन भी पूरा हो चुका है। शेष अपराधियों के सत्यापन की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे जल्द ही यह कार्य पूरी तरह पूरा कर लिया जाएगा।
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में फिलहाल 189 गैंग सूचीबद्ध हैं और इन सभी गैंगों का विवरण भी ‘यक्ष ऐप’ पर दर्ज कर दिया गया है। इससे गैंग और उनके सदस्यों की गतिविधियों पर निगरानी रखना आसान हो गया है और समय पर कार्रवाई करने में पुलिस को मदद मिल रही है। इसके साथ ही जिले के सभी थानों में दर्ज 1073 हिस्ट्रीशीटरों का भी शत-प्रतिशत पंजीकरण इस ऐप पर किया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी अधिक प्रभावी होगी और संगठित अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि ‘यक्ष ऐप’ के माध्यम से अपराधियों, गैंगों, हिस्ट्रीशीटरों और क्षेत्रीय सूचनाओं का व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इससे पुलिसिंग को पारदर्शी, व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने में मदद मिल रही है। पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
--आईएएनएस
