सभी राज्यों के सीएम नीट देने वाले छात्रों को फ्री बस यात्रा उपलब्ध कराएं : अरविंद केजरीवाल

NEET छात्रों के लिए मुफ्त बस सेवा की मांग, केजरीवाल ने राज्यों से की अपील
सभी राज्यों के सीएम नीट देने वाले छात्रों को फ्री बस यात्रा उपलब्ध कराएं : अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा शासित समेत अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपील की है कि वे अपने यहां पर नीट देने वाले छात्रों के लिए बस सेवा फ्री कर दें।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में ऐलान किया था कि नीट देने वाले छात्रों को बस के किराये में राहत दी जाएगी। केजरीवाल और भगवंत मान ने एक वीडियो शेयर कर यह जानकारी साझा की थी। इसके बाद, हरियाणा और बिहार के मुख्यमंत्रियों ने भी बस सेवा फ्री करने का ऐलान किया था।

केजरीवाल ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर करीब एक मिनट का वीडियो शेयर सभी मुख्यमंत्रियों से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि सभी मुख्यमंत्रियों से मेरी अपील है कि कृपया 21 जून को नीट की दोबारा परीक्षा देने वाले सभी छात्रों के लिए बस यात्रा मुफ्त कर दें।

उन्होंने कहा कि मुझे यह देखकर खुशी हुई कि बिहार और हरियाणा ने इस मामले में पंजाब की राह अपनाई है। उम्मीद है कि अन्य मुख्यमंत्री भी ऐसा ही करेंगे।

नीट को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि नीट में सम्मिलित होने वाले सभी परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु बिहार की सभी सरकारी बसों में आवागमन निःशुल्क रहेगा। साथ ही, जिला प्रशासन, राज्य के सभी मठ-मंदिरों एवं गैर-सरकारी संगठनों से आग्रह है कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए पेयजल, सत्तू आदि की व्यवस्था में सहयोग करें। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा हेतु शुभकामनाएं।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने नीट के परीक्षार्थियों के लिए 20 और 21 जून को हरियाणा रोडवेज में निशुल्क यात्रा की घोषणा की है। विद्यार्थी अपना नीट एडमिट कार्ड दिखाकर फ्री यात्रा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी युवा साथियों की सफलता सरकार की प्राथमिकता है और उन्होंने विद्यार्थियों को पूरे मनोयोग से परीक्षा देने के लिए शुभकामनाएं दीं।

बता दें कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। एजेंसियों की शुरुआती जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे। इसी आधार पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया और अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम

 

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