नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' के पास होने को छात्रों के भविष्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है।
गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "मोदी सरकार ने आज संसद में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' पास करके हमारे छात्रों का भविष्य सुरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है।"
उन्होंने कहा कि यह नया कानून उन अपराधों को रोकने के लिए सबसे मजबूत उपाय साबित होगा जो हमारी सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को कम करके हमारे युवाओं की उम्मीदों को नुकसान पहुंचाते हैं। शाह ने कहा कि मेरिट-आधारित व्यवस्था की निष्पक्षता से छेड़छाड़ करने की कोशिश करने वालों को सख्त से सख्त सजा देने के प्रावधानों के जरिए यह कानून यह सुनिश्चित करेगा कि हमारे युवा अपने देखे हुए सपनों को पूरा कर सकें।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस बिल के पारित होने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "आज राज्यसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' के पारित होने से पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली को नई मजबूती मिली है।"
शिवराज सिंह चौहान ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, यह परीक्षा प्रणाली को भ्रष्टाचार और पेपर लीक के डर से मुक्त करने और इसे विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।"
नए संशोधन बिल में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित साधनों को रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। बिल में कठोर दंड, समयबद्ध जांच, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और जरूरत पड़ने पर विशेष एसटीएफ के गठन का प्रावधान शामिल है। इसके साथ ही परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन को भी अनिवार्य किया गया है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये सभी प्रावधान यह सुनिश्चित करेंगे कि युवाओं की कड़ी मेहनत किसी भी अनुचित तरीके से बेकार न जाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से छात्र और अभिभावक पेपर लीक और धांधली की घटनाओं से परेशान थे। इस नए कानून से परीक्षा प्रणाली में छात्रों का भरोसा फिर से बहाल होगा।
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