पटना, 23 जून (आईएएनएस)। बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने जदयू के राष्ट्रीय और राज्य परिषद की बैठक के बारे में बताया। उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश अध्यक्ष चुने गए उमेश कुशवाहा और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए चुने गए नीतीश कुमार का राज्य परिषद के लोगों ने अनुमोदन किया। पूरे पार्टी के लिए सबसे अच्छी खबर यह रही है कि हमारे सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय परिषद को संबोधित किया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि सीएम का पद भले उन्होंने छोड़ दिया, लेकिन वो पार्टी की कमान संभालते रहेंगे। यह संदेश नीतीश कुमार ने दिया है। इससे जदयू के कार्यकर्ता उत्साहित हैं। इससे वे नई ऊर्जा के साथ काम करने के लिए उत्साहित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार एक करोड़ से ज्यादा लोग पार्टी में शामिल हुए हैं। यह अपने आप में पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता की निशानी है। इसके लिए हम अपने कार्यकर्ताओं को पार्टी और सरकार की तरफ से बधाई देते हैं और उम्मीद करते हैं कि वो आगामी दिनों में और ज्यादा उत्साह के साथ काम करेंगे। नीतीश कुमार की उपलब्धियां पार्टी की ताकत हैंं। हमारे नेता की उपलब्धियां बेमिसाल हैं, इसलिए हमारी पार्टी के कार्यकर्ता इन्हें जन-जन तक पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। आगामी दिनों में हम पार्टी को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। मौजूदा स्थिति पार्टी के लिए प्रसन्नता का विषय है।
इसके अलावा, उन्होंने आरा एनकाउंटर को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, वहां जो एनकाउंटर हुआ है, उसे लेकर विवादित बातें कही जा रही हैं। लेकिन मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि सरकार ने इस मामले को बहुत ही गंभीरता से लिया है। अगर लोगों के जेहन में किसी बात को लेकर शंका है, तो उसे दूर करना सरकार की जिम्मेदारी है। अगर एनकाउंटर को लेकर सवाल उठे हैं तो सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। इसकी पूरी गंभीरता के साथ जांच की जा रही है। इसके लिए न्यायिक जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं। सीएम की ओर से इस संबंध में आदेश भी जारी किया जा चुका है। इससे ज्यादा पारदर्शी फैसला नहीं हो सकता है।
इसके अलावा पुलिस की ओर से डीआईजी रैंक के अधिकारी को भी जांच का आदेश दिया गया है। सच्चाई सामने आएगी, आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सिर्फ पुलिसिया जांच पर भरोसा नहीं किया गया है, बल्कि न्यायिक जांच के भी आदेश दिए गए हैं। न्यायमूर्ति पूरे घटनाक्रम की जांच करेंगे। अगर उनकी जांच में किसी पुलिस अधिकारी का दोष आएगा, तो उसके आधार पर पदाधिकारी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
उनके मुताबिक पुलिस ने इस मामले में खुद सामने आकर चूक स्वीकारी है। पुलिस को जिस तरह की कार्रवाई करनी थी, उस तरह की कार्रवाई नहीं की गई। इसके लिए तीन पदाधिकारी निलंबित किए गए हैं। इनके खिलाफ भी जांच चल रही है। एनकाउंटर वाले घटना की न्यायिक जांच हो रही है। लोगों को भरोसा रखना चाहिए। सरकार की तरफ से हम प्रदेशवासियों को भरोसा दिलाते हैं कि अगर कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी।
वहीं, उन्होंने लखनऊ अग्निकांड को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, यह एक दुर्घटना है। अस्पताल को भी सतर्क रहना चाहिए। लखनऊ की घटना से सबक लेते हुए बिहार के अस्पतालों को तैयारी करनी चाहिए। अग्निकांड से सुरक्षा के जो मापदंड हैं, उसके आधार पर ऑडिट करा लेना चाहिए। इसके अलावा, सरकार का स्वास्थ्य विभाग भी इस मामले में सक्रिय है। स्वास्थ्य मंत्री इस माममले को देख रहे हैं कि कैसे अस्पताल में अग्निकांड की पर्याप्त सुरक्षा रहे। अस्पताल में वैसे भी मरीज आते हैं। आग लगने पर वो आम लोगों की तरह खुद को नहीं बचा सकते। ऐसी स्थिति में यह जरूरी हो जाता है कि अस्पताल में सुरक्षा-व्यवस्था करते समय किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए।
इसके अलावा, उन्होंने निशांत कुमार के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, उनका बयान बिल्कुल ठीक है। हमारा यह मानना है कि पत्रकार को कहीं पर भी नहीं जाने से रोका जाना चाहिए। लेकिन, पत्रकारिता के भी अपने सिद्धांत होते हैं। अगर वो अपने इन सिद्धांतों का पालन करते हुए कहीं भी जाते हैं, तो उन्हें कोई नहीं रोक सकता है।
--आईएएनएस
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